नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री एवं ओडिशा से भाजपा सांसद प्रताप चंद सारंगी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले पांच साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज की सफलता को स्वीकार कर उनका अभिनंदन करना चाहिए और खुद को जनता द्वारा नकार दिए जाने पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए. सारंगी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत संप्रग के समय नीतिगत पंगुता थी और घोटाले पर घोटाले हो रहे थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री मूकदर्शक बने रहते थे. केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद सारंगी ने कहा, अब समय आ गया है कि कांग्रेस आत्मनिरीक्षा करे. कांग्रेस को ‘मोदी से माफी मांगनी चाहिए. इस पर भी कांग्रेस सदस्यों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया.

मोदी सरकार की छवि गरीब, किसान विरोधी बनाने की कोशिश की गई
सारंगी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उसकी छवि गरीब, किसान, महिला विरोधी बनाने की कोशिश की गई और सरकार को सांप्रदायिक दर्शाने और नोटबंदी, जीएसटी और अन्य विषयों को लेकर नकारात्मक छवि पेश करने का प्रयास किया गया, लेकिन जनता ने विपक्ष के महागठबंधन के प्रयासों को धता बताते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया.

यह सरकार गरीबों के लिए है
केंद्रीय मंत्री ने कहा, सत्यमेव जयते. सत्य ही सर्वोपरि है. झूठे के बादलों से सच को नहीं छिपाया जा सकता. जनता ने भाजपा के लिए मतदान किया और साबित किया कि यह सरकार जो कहती है, वो करती है और जो कर सकती है, वही कहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सरकार बनने के बाद ही कहा था कि वह प्रधान सेवक हैं और यह सरकार गरीबों के लिए है. उन्होंने इस बात का पालन करके दिखाया है.

विपक्ष को मोदी की प्रशंसा में झिझक क्यों है
सारंगी ने कहा कि 1971 में जब तत्कालीन जनसंघ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रशंसा में कोई कसर नहीं छोड़ी थी तो आज कांग्रेस एवं विपक्ष को मोदी की प्रशंसा में झिझक क्यों है. यह पहली सरकार है और मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने हर साल विभिन्न स्थानों पर जाकर अपने कामकाज का हिसाब जनता को दिया. जनता ने काम के आधार पर फिर मोदी को चुना है इसलिए हम जनता के आभारी हैं.

सोनिया गांधी ने विरोध करने के लिए इशारा किया
सारंगी ने कांग्रेस के प्रथम परिवार (नेहरू-गांधी परिवार) की भी आलोचना की जिस पर विपक्षी पार्टी के सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया. सदन में मौजूद संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी भी सदस्यों को विरोध करने के लिए संकेत करते हुए देखी गई. कांग्रेस के सदस्यों ने ‘व्यवस्था का प्रश्न’उठाया, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर ‘व्यवस्था का प्रश्न’ नहीं उठाया जाता.

मोदी, अमित शाह कई बार मुस्कराते देखेे गए 
सारंगी ने कई बार ऋग्वेद, गीता, रामचरित मानस और वेदों के मंत्रों, श्लोकों और सूक्तियों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कैकेयी ने राम को वनवास भेजा तो उन्हें पूरे देश ने जाना और नायक माना, ठीक इसी तरह कांग्रेस के हम आभारी हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह भी सारंगी के भाषण के दौरान कई बार मुस्कराते हुए देखा गया.

वंशवाद को लोग पसंद नहीं करते
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस बार जनता ने सामंतियों को हराया और साबित किया कि वंशवाद को लोग पसंद नहीं करते. सारंगी ने कहा कि कांग्रेस को अब तो समझ जाना चाहिए. सारंगी ने आपातकाल का भी उल्लेख किया और कांग्रेस पर संविधान का अपमान करने और लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया. उन्होंने सिख विरोधी दंगों (1984) के लिए भी विपक्षी दल को आड़े हाथ लिया.

संतों का अपमान किया गया
सारंगी ने कहा कि संतों का अपमान किया गया, उसी का परिणाम है कि कांग्रेस को विपक्ष के नेता का भी पद नहीं मिला. उन्होंने कहा कि अमेठी संसदीय सीट से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराया और उन्हें केरल जाना पड़ा. केंद्रीय मंत्री ने कहा, अब समय आ गया है कि कांग्रेस आत्मनिरीक्षा करे. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को ‘मोदी से माफी मांगनी चाहिए. इस पर भी कांग्रेस सदस्यों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया.

सभी को हाथ मिलाकर काम करना चाहिए
सारंगी ने केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत, जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, अटल पेंशन योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का भी उल्लेख किया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सरकार 2022 तक सभी को घर, सभी घरों में बिजली के सपने को साकार करने के लिए काम कर रही है. इस काम में सभी को हाथ मिलाकर काम करना चाहिए.