लखनऊ: समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि अगर कांग्रेस की प्रतिज्ञा बीजेपी से लड़ने की है तो उसे लोकसभा चुनाव में एसपी-बीएसपी गठबंधन को समर्थन करना चाहिए. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति में आने का स्वागत किया. जब इस कांग्रेस के इस मास्टर स्ट्रोक के बारे में पूछा गया तो अखिलेश ने कहा, अगर कांग्रेस झूठ फैलाने में माहिर बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ना तय किया है तो उसे हमारे (एसपी-बीएसपी) गठबंधन का समर्थन करना चाहिए. हमने पहले से ही दो सीटें रायबरेली और अमेठी उनके लिए छोड़ रखीं हैं.

यूपी के पूर्व सीएम ने एक इंटरव्यू के दौरान ये बातें कहीं हैं. उनका यह बयान कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी के उस कमेंट के मद्देनजर काफी महत्व रखता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह अखिलेश और मायावती दोनों के प्रति समान समानरूप से आदर रखते हैं और उनके खिलाफ मन में कोई दुर्भावना नहीं है. राहुल ने ये भी कहा था कि उनकी पार्टी बैकफुट पर नहीं खेलेगी, हम फ्रंट फुट पर खेलेंगे, चाहे गुजरात हो या उत्तर प्रदेश.

जब अखिलेश यादव से प्रियंका गांधी को पूर्व उत्तर प्रदेश की प्रभारी की नियुक्ति किए जाने पर पूछा गया तो उन्होंने कहा, हम उनकी सक्रिय राजनीति में आने का स्वागत करते हैं. युवाओं को नए भारत के निर्माण के लिए सक्रिय राजनीति में आना चाहिए.

अखिलेश यादव ने योग आदित्यनाथ की सरकार का प्रयागाराज में कुंभ मेला में कैबिनेट की मीटिंग आयोजित करने के सवाल पर उन्होंने बीजेपी को याद दिलाते हुए कहा कि कुंभ का कनेक्शन कन्नौज से है. जहां का प्रतिनिधित्व उनकी पत्नी डिम्पल यादव कर रही हैं. यह राजा हर्ष वर्धन की राजधानी थी, जहां से कुंभ में दान की परंपरा शुरू हुई थी. वह यहां दान के लिए आया करते थे. अगर बीजेपी सरकार राज्य के विकास के लिए गंभीर है, तो मेरे कार्यकाल की योजनाओं को छोड़कर बताना चाहिए कि उसने क्या किया है.

अखिलेश ने गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर डुबकी लगाई. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में कुंभ की व्यवस्थाएं मुस्लिम नेताओं और अधिकारियों ने भी की थीं.

अखिलेश ने कहा, लोग कुंभ में अपने विश्वास के लिए आते हैं. उन्होंने कहा, हमारे कार्यकाल में शहरी विकास मंत्री मोहम्मद आजम खान, स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन और मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने बेहतरीन इंतजाम किए थे. एसपी लोगों को बीजेपी से अलग तरीके से एक रखती है. वह साम्प्रदायिकता की तर्ज पर समाज को बांटती है.