नई दिल्ली: राफेल में कथित घोटाले को लेकर एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अनिल अंबानी पर रोज हमले कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अंबानी की ओर से कांग्रेस के सीनियर नेता कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में उनका केस लड़ रहे हैं. बीजेपी ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है. बीजेपी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस के अनिल अंबानी समूह के साथ करीबी रिश्ते हैं और विपक्षी पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल का कई मामलों में उद्योगपति के समूह का ‘पक्ष लेना’ पार्टी का पर्दाफाश करता है.

बीजेपी की ओर से यह हमला तब किया गया है जब वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई में रिलायंस की तरफ से पेश हुए. यह सुनवाई एरिक्सन इंडिया द्वारा रिलायंस कम्युनिकेशन्स लिमिटेड (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी एवं अन्य के खिलाफ दायर अवमानना से जुड़ी थी. एरिक्सन इंडिया ने यह मामला 550 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान नहीं करने को लेकर दायर किया है.

बीजेपी प्रवक्ता जी वी एल नरसिम्हा राव ने सिब्बल द्वारा अंबानी की आलोचना करने और अदालत में रिलायंस की ओर से पेश होने के लिए कांग्रेस पर हमला बोला और कहा, ‘राहुल गांधी और कांग्रेस दुष्प्रचार में लिप्त है क्योंकि कंपनी (अनिल अंबानी समूह) जिसके बारे में उनका आरोप है कि उसे यहां (राफेल सौदे में) लाभ हुआ, उसे इस सरकार में कोई लाभ नहीं हुआ बल्कि उसे तब अनुचित लाभ हुआ जब कांग्रेस सत्ता में थी. हालांकि इन आरोपों को लेकर कपिल सिब्बल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के चेयरमैन अनिल धीरूभाई अंबानी और अन्य को जारी अवमानना नोटिस पर सुनवाई बुधवार के लिये स्थगित कर दी. कोर्ट ने एरिक्सन इंडिया की उस याचिका पर ये नोटिस जारी किये थे जिसमें उन पर 550 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया गया है. न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ के समक्ष अंबानी, रिलायंस टेलीकाम लिमिटेड चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड की चेयरपर्सन छाया विरानी उपस्थित हुए. इन सभी को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया गया था.