नई दिल्ली: कांग्रेस ने कृषि संबंधी विधेयकों के खिलाफ शनिवार को सोशल मीडिया अभियान की शुरुआत की और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोगों से इससे जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि किसानों पर हो रहे ‘अत्याचार’ के खिलाफ सबको मिलकर आवाज उठानी चाहिए. Also Read - Farm Bill 2020 से किसानों को देश के हर कोने में फसल बेचने की छूट मिलने से कांग्रेस बेचैन है: स्मृति ईरानी

पार्टी ने कृषि संबंधी विधेयकों के विरोध में ‘स्पीक अप फॉर फार्मर्स’ अभियान शुरू किया. इस अभियान के तहत राहुल गांधी और कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने वीडियो जारी कर इन विधेयकों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की. Also Read - कृषि विधेयकों को पास कराने के तरीके पर उठे सवाल तो हरिवंश ने दी ये सफाई

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘ मोदी सरकार द्वारा किसानों पर किए जा रहे अत्याचार और शोषण के ख़िलाफ़, आइये साथ मिलकर आवाज़ उठाएं. अपने वीडियो के माध्यम से इस अभियान से जुड़िए.’’ Also Read - Protest Against Farm Bills: कृषि बिल के विरोध में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे हजारों किसान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि कृषि उपज विपणन (एपीएमसी) कानून आज किसानों के बड़े तबके के लिए एक सुरक्षा है. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मूल्य निर्धारण का एक संकेत है जिसके आधार पर बाजार कीमतें तय करता है. उन्होंने दावा किया कि ये विधेयक एमएसपी के इस महत्व को खत्म कर देंगे और एपीएमसी कानून भी निष्प्रभावी हो जाएगा.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, ‘‘लोकसभा में तीन कानून पारित किये गए. भाजपा सरकार ‘एक देश, एक बाजार’ की तो बात कर रही है, लेकिन फसल के दाम के बारे में स्पष्ट नहीं कर रही कि दाम भी एक होगा या नहीं.’’

कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर ने दावा किया, ‘‘मोदी सरकार अपने तीन काले कानूनों से कृषि क्षेत्र को उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी कर रही है. हमारी सरकार से मांग है कि किसान को फसल की एमएसपी सुनिश्चित की जाए और मंडी प्रणाली को बनाये रखने के लिए कानूनी रूप दिया जाए.’’

हाल ही में संपन्न मानसून सत्र में संसद ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दी.