नई दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक अलोक कुमार वर्मा को बहाल करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा कि नरेंद्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिनके अवैध आदेशों को उच्चतम न्यायालय ने खारिज किया है. कांग्रेस के साथ दूसरे राजनीतिक दलों ने भी उच्चतम न्यायालय के आदेश को सरकार के लिये बड़ा झटका करार दिया.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘प्रधानमंत्री सीबीआई को तबाह करने के मामले में उच्चतम न्यायालय के सामने बेनकाब होने वाले पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं. इससे पहले उन्होंने इसी तरह केंद्रीय सतर्कता आयोग की विश्वसनीयता (उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायधीश की सलाह की जरूरत) को दरकिनार कर उसे तबाह कर दिया था. मोदी अब ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं जिनके अवैध आदेशों को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया है.

संस्थानों की अखंडता पर बात की
उन्होंने मोदी को यह याद रखने के लिये कहा कि सरकारें आती जाती रहती हैं लेकिन संस्थानों की अखंडता हमेशा जीवित रहती है. सुरजेवाला ने ट्वीट किया, यह आपके लिये हमारे लोकतंत्र और संविधान की मजबूती के बारे में एक सबक है. इससे पता चलता है कि आप कितने भी तुच्छ हों, अंत में कानून आपको पकड़ ही लेता है. संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रीय जनता दल सांसद मनोज झा ने इस फैसले को सरकार के मुंह पर करारा तमाचा बताया.

केजरीवाल ने कहा- सरकार के लिए कलंक
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा यह आदेश सरकार के लिये कलंक के समान है. आम आदमी पार्टी प्रमुख ने ट्वीटर पर लिखा, “उच्चतम न्यायालय का सीबीआई प्रमुख को बहाल करना प्रधानमंत्री के लिये कलंक है. मोदी सरकार ने हमारे देश के संस्थानों और लोकतंत्र को तबाह कर दिया. क्या सीबीआई निदेशक को आधी रात को अवैध रूप से हटाकर राफेल घोटाले की जांच रोकने की कोशिश नहीं की गई थी, जो सीधे प्रधानमंत्री की ओर इशारा करती है?”