नई दिल्ली. राज्यसभा में डिप्टी चेयरपर्सन पीजे कुरियन का कार्यकाल इस महीने के अंत में खत्म हो रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि नए डिप्टी चेयपर्सन का चुनाव मानसून सेशन की शुरुआत में ही हो सकता है. ऐसे में इस चुनाव को लेकर भी कांग्रेस ने तैयारी शुरू कर दी है. कर्नाटक और कैराना से आगे बढ़ते हुए कांग्रेस ने इस बार ओडिशा की बीजू जनता दल से संपर्क किया है.

बता दें कि ओडिशा में कांग्रेस और बीजू जनता दल एक दूसरे के धूर विरोधी हैं. लेकिन राज्यसभा के डिप्टी चेयरपर्सन के चुनाव में एनडीए को हराने के लिए वह उसके पास भी पहुंच गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस इस सीट पर अपना दावा छोड़ सकती है और वह बीजेडी, तृणमूल कांग्रेस या किसी ऐसी पार्टी को सपोर्ट कर सकती है जिसपर विपक्षी पार्टियां आम सहमति बना सके. कांग्रेस का ऐसा ही कदम कर्नाटक चुनाव में देखने को मिला था जब उसने अपेक्षाकृत कम सीट पाई जेडीएस को समर्थन देकर कुमारस्वामी को सीएम बनाया था.

बीजेडी के पास 9 सांसद
हिंदूस्तान टाइम्स ने एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के हवाले से कहा, राज्यसभा चुनाव में 9 सांसदों के साथ बीजेडी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसमें बीजेडी, तेलंगाना राष्ट्र समिति और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी हैं. हम उम्मीद नहीं कर रहे हैं कि दो दक्षिण की पार्टियां हमारे साथ आएंगी. लेकिन बीजेडी अगर हमारे साथ आ जाती है तो हम बहुमत के 122 के आंकड़े को छू जाएंगे.

एनडीए के पास 105
बता दें कि एनडीए के पास राज्यसभा में 105 सांसद हैं. अन्य 6 निर्दलीय सांसदों का भी उसे समर्थन की उम्मीद है. अगर एनडीए टीआरएस और वाईएसआरपी के वोट जुटा भी लेता है तो बीजेडी अकेले ही वोट को विपक्ष के पाले में स्विंग करा सकता है. सभी जानते हैं एनडीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और नवीन पटनायक लंबे समय से दोस्त हैं. राहुल गांधी खुद भी किसी से भी बातचीत के लिए रास्ते खोले हुए हैं.