मुम्बई: अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को समाप्त करने के लिए संसद में कोई मत विभाजन नहीं हुआ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मुद्दे पर देश को गुमराह कर रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने शुक्रवार को यह दावा किया. 21 अक्टूबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले शर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति पर भाजपा से प्रमाण पत्र हासिल करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इसके दो प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपना जीवन कुर्बान कर दिया.

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोदी और भाजपा, कांग्रेस को निशाना बनाते रहे हैं और दावा करते रहे हैं कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का विरोध किया. उन्होंने दावा किया, अनुच्छेद 370 अस्थायी प्रावधान था जिसे समय के साथ खत्म होना था. इसके बारे में संसद को केवल सूचित करने की जरूरत थी.

जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए प्रधानमंत्री और भाजपा पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, भाजपा और प्रधानमंत्री को लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने से बचना चाहिए. कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति और आतंकवाद से कैसे लड़ना है, इस पर प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है.

उन्होंने कहा, आतंकवाद से लड़ते हुए और देश की अखंडता की रक्षा करते हुए दो (कांग्रेसी) प्रधानमंत्रियों ने कुर्बानी दे दी. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना सबकी है न कि किसी पार्टी की और भाजपा नेताओं पर इस बात के लिए प्रहार किया जिसमें उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वोट हासिल करने के लिए 1971 में पाकिस्तान के साथ जीत का श्रेय हासिल किया. उन्होंने भाजपा प्रमुख और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की भी आलोचना की कि इतिहास को भारतीय दृष्टिकोण से लिखा जाना चाहिए. शर्मा ने कहा, ‘इतिहास नहीं बदला जा सकता है.’

(इनपुट-भाषा)