नई दिल्ली: कांग्रेस ने एक अन्य ज्वैलर द्वारा सार्वजनिक बैंक को कथित रूप से करोड़ों रुपए का चूना लगाए जाने के मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार पर हमला बोलते हुए शनिवार को मांग की कि वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और चूक करने वाले बैंकों के प्रबंधन की जवाबदेही 60 दिनों में तय की जाए. कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने जहां घोटालों को जनधन लूट योजना नाम दिया तो पार्टी के वरिष्‍ठ नेता कपिल सिब्‍बल ने मोदी को सबसे महंगा चौकीदार बताया, जो घोटालेबाजों को आसानी से देश छोड़ने की इजाजत देता है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैंकों के साथ धोखाधड़ी के मामलों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, ‘‘मोदीजी की ‘जनधन लूट योजना’ के तहत एक और घोटाला.’ उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘दिल्ली स्थित एक ज्वैलर की संलिप्तता में 390 करोड़ रुपए. तौर तरीका नीरव मोदी के समान ही. फर्जी एलओयू.’’ राहुल ने कहा, ‘‘भविष्यवाणी की जा सकती है कि माल्या और नीरव की तरह यह प्रमोटर भी लापता हो गया है, जबकि सरकार दूसरी तरफ देखती रही.’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने संवाददादाताओं से कहा, ‘‘समय आ गया है कि यह बताया जाए कि देश को नुकसान हुआ किंतु फायदा किसे हुआ? बताया जा रहा है कि देश को इसके कारण 21 हजार करोड़ रूपये का नुकसान हो चुका है (पीएनबी घोटाले में). मालूम नहीं कि जब आगे और जांच होगी तो कितने और नुकसान की बात सामने आएगी.’’ उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह की ही खबर है कि एक और शख्स ने 390 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी की है. उसका नाम द्वारिका दास सेठ है. ‘‘आजकल मैं देख रहा हूं कि गतिविधियों का केन्द्र अब बदलकर दुबई हो गया है. जो धोखाधड़ी हो रही है उसमें दुबई के कई बैंक शामिल हैं. इन बैंकों के नाम आपने सुने भी नहीं होंगे. यह सब पोंजी बैंक हैं और पोंजी स्कीमें हैं.’’

उन्होंने कहा कि हमें यह भी जानकारी है कि कुछ और लोग हैं जो दुबई के बैंकों के जरिये अपना लेनदेन करते हैं. ताज्जुब की बात है कि द्वारिकादास सेठ के बारे में यह जानकारी मिली कि अगस्त 2017 में पुलिस में शिकायत की गई, किंतु प्राथमिकी फरवरी 2018 में दर्ज की गई. इस बीच सेठ साहब न जाने कहां गायब हो गये.

सिब्बल ने कहा, ‘‘मुझे इस बात का ताज्जुब होता है कि दुनिया के सबसे महंगा चौकीदार हमारे प्रधानमंत्री हैं. घर भी मिलता है. हवाई जहाज भी मिलता है. चौकीदारी भी करते हैं. उनकी देखरेख में ऐसा क्यों हो रहा है? आपको याद है जब संप्रग सरकार पर एक लाख 76 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगा था तो मोदीजी रोज बयान देते थे कि देश को लूट लिया..कांग्रेस पार्टी भ्रष्ट है. हालांकि वह काल्पनिक घाटा था, वास्तविक घाटा नहीं था. लेकिन अदालत ने कह दिया कि कोई घोटाला ही नहीं हुआ.’’

उन्होंने कहा कि यह जो बैंकिंग घोटाला हुआ है, यह वास्तविक नुकसान है. इसमें काल्पनिक घाटा नहीं हुआ. मोदीजी इतने दिन चुप रहे और शुक्रवार को बोले कि हम जल्द वापस ले आएंगे.’’ कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री के इस बयान पर पटलवार करते हुए कहा, ‘‘आपने जाने क्यों दिया? आप तो चौकीदार हो. आने की बात तो हम बाद में करेंगे. आप कितने लोगों को ला पाए हो. कई लोगों को आपने जाने दिया. कोई शख्स लंदन में बैठा हुआ है और कोई अन्य देश की नागरिकता लेकर बैठा हुआ है.’’

सिब्बल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री से चार ‘आग्रह’ करते हैं. बैंकिंग प्रणाली में स्विफ्ट सम्पर्क प्रणाली को 30 दिन के भीतर कोर बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाए. इसके लिए प्रधानमंत्री देश के लोगों को आश्वासन दें. दूसरा, अगले तीस दिन में बैंकों के पिछले पांच साल के स्विफ्ट संदेशों की बैंकों द्वारा जांच की जाए ताकि अन्य धोखाधड़ी मामलों का पता चल सके. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश को यह आश्वासन देना चाहिए कि रिजर्व बैंक सभी स्विफ्ट संदेशों की फॉरेंसिक ऑडिट करेगी और उसकी रिपोर्ट 60 दिन में सार्वजनिक की जाएगी.

सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री यह भी आश्वासन दें कि वित्त मंत्रालय, रिजर्व बैंक और चूक करने वाले प्रबंधन की जवादेही 60 दिनों में तय की जाएगी. नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के बाद सीबीआई ने दिल्ली के एक हीरा कारोबारी पर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 389.85 करोड़ रुपये की कथित तौर पर ऋण धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है. सीबीआई ने कथित धोखाधड़ी के लिए द्वारका दास सेठ इंटरनेशनल लिमिटेड पर मामला दर्ज किया है.

 

इनपुट एजेंसी से