नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा के चुनाव नतीजों में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी है लेकिन वो स्पष्ट बहुमत से दूर है. कांग्रेस दूसरे और जेडीएस तीसरे नंबर पर है. अब राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं, बीजेपी जहां सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश कर रही है वहीं कांग्रेस ने जेडीएस के कुमारस्वामी को सीएम बनने का ऑफर दे दिया है ऐसे में ये भी संभावना जताई जा रही है कि जेडीएस और कांग्रेस का गठबंधन हो सकता है और कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बन सकते हैं.

इस समय तीनों पार्टियां हर संभावना पर गौर कर रही हैं. कर्नाटक में हर पल बनते बिगड़ते समीकरण पर बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी. एस येदियुरप्पा का कहना है कि कांग्रेस को जनता ने रिजेक्ट कर दिया है बावजूद इसके कांग्रेस बैकडोर के सहारे सरकार बनाने की कोशिश कर रही है.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए येदियुरप्पा ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बनाने के लिए कर्नाटक की जनता का शुक्रिया किया. येदियुरप्पा ने कहा, ”कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है और बीजेपी को अपना प्यार दिया है, लोग कांग्रेस मुक्त कर्नाटक की तरफ बढ़ रहे हैं.”

दूसरी तरफ कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, जेडीएस सरकार बनाए हम समर्थन देने के लिए तैयार. उन्होंने कहा कि जेडीएस को समर्थन देने को लेकर कांग्रेस की जेडीएस से फोन पर बात हुई है. जेडीएस ने भी कांग्रेस के समर्थन को स्वीकार कर लिया है और राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है. चुनाव के बाद बन रहे इस समीकरण पर येदियुरप्पा ने कांग्रेस को बैकडोर एंट्री करने वाली पार्टी बताया. येदियुरप्पा ने कहा, ”बीजेपी को समर्थन देने के लिए मैं कर्नाटक की जनता को शुक्रिया कहना चाहता हूं, कांग्रेस बैकडोर एंट्री के सहारे सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, लोग इसे बर्दाशत नहीं करेंगे.”

बीजेपी की आगे की रणनीति क्या होगी इस पर येदियुरप्पा ने कहा, ”हम अपनी सेंट्रल लीडरशिप से बातचीत करके आगे की रणनीति तैयार करेंगे.” कर्नाटक में जिस तरह का नतीजा आया है उससे अभी कुछ भी साफ नहीं है. एक समय पर ऐसा लग रहा था कि बीजेपी अपने दम पर सरकार बना लेगी लेकिन जैसे जैसे स्थिति साफ हो रही है वैसे वैसे येदियुरप्पा का फिर से मुख्यमंत्री बनने का सपना कमजोर पड़ता जा रहा है. येदियुरप्पा को चुनाव से पहले बीजेपी ने अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था और कर्नाटक में बीजेपी ने उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था.