चंडीगढ़: कांग्रेस ने सरकार को शुक्रवार को चेतावनी दी कि वह अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए नौकरियों में आरक्षण को खत्म करने की साजिश रचे जाने के खिलाफ अगले दो दिनों में ‘‘निर्णायक कार्रवाई’’ करेगी. उच्चतम न्यायालय के एक हालिया फैसले के बाद, कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और कुमारी शैलजा ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) पर एससी/एसटी और ओबीसी का आरक्षण खत्म करने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है.

पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय ने कहा था, ‘‘राज्य सरकारें नियुक्तियों या पदोन्नति में आरक्षण मुहैया करने के लिए बाध्य नहीं हैं. शीर्ष न्यायालय ने इस मुद्दे पर उत्तराखंड सरकार की दलील को बरकरार रखते हुए यह फैसला सुनाया. कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि सरकार के पास दो विकल्प हैं और हम (कांग्रेस) इसे स्वीकार करने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की ओर से उन्हें (सरकार को) झुकने को मजबूर कर देंगे.

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने का विकल्प है, या अध्यादेश लाया जाए या फिर इस फैसले को अमान्य करने के लिए विधान लाया जाए. सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के कई सदस्यों ने अपनी व्यक्तिगत हैसियत से इस फैसले के विरोध में याचिकाएं दायर की है. उन्होंने कहा, ‘‘ और अगले दो दिनों में, हम इसे लेकर निर्णायक कदम उठाने जा रहे हैं.’’

हालांकि, उन्होंने विस्तार से इस बारे में नहीं बताया कि वह उच्चतम न्यायालय के फैसले के विरोध में कानूनी विकल्प का जिक्र कर रहे हैं, या फिर जिला स्तर पर कांग्रेस के रविवार को विरोध प्रदर्शन करने की. सुरजेवाला और हरियाणा कांग्रेस प्रमुख शैलजा ने यहां अपने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि भाजपा और आरएसएस समाज के दबे कुचले तबकों के आरक्षण को खत्म कर रही है.

सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) को उत्तराखंड की भाजपा सरकार से शीर्ष न्यायालय में उसके रुख पर स्पष्टीकरण मांगना चाहिए. दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि आरक्षण खत्म करने की कोशिश करना और वंचित तबकों का अधिकार छीनना भाजपा और संघ के डीएनए में है. शैलजा ने कहा कि कांग्रेस आरक्षण खत्म करने के मोदी सरकार के षडयंत्र का ‘पर्दाफाश’ करने के लिए रविवार को जिल स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी.

(इनपुट भाषा)