नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अधिकारियों से कहा कि उस व्यक्ति के आवेदन पर विचार करें, जिसने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरूल इस्लाम खान को हिंदू समुदाय के खिलाफ उनके कथित ”भड़काऊ एवं धमकी भरे बयानों” के लिए हटाने की मांग की है. Also Read - दिल्ली में कोरोना का नया रिकॉर्ड, 1 दिन में 1163 नए मामले सामने आए

मामले में पेश हुए वकीलों ने बताया कि न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने हलफनामे का संज्ञान लिया और याचिका का निस्तारण कर दिया. दिल्ली निवासी मनोरंजन कुमार की याचिका में दावा किया गया कि आयोग के अध्यक्ष ने 28 अप्रैल को अपने फेसबुक अकाउंट पर बयान पोस्ट किया जिसमें उन्होंने हिंदू समुदाय को ”हिंदुत्व के प्रति धर्मांध” करार दिया. Also Read - पायलट को हुआ कोरोना, मास्को जा रहा एयर इंडिया का विमान आधे रास्ते से दिल्ली लौटा

याचिका में खान के भड़काऊ बयानों के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की गई. Also Read - कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में कंटेनमेंट जोन में इजाफा, 100 के पार पहुंची संख्या

दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा और वकील ऋचा कपूर और चैतन्य गोसाईं ने अदालत से कहा कि मामले में दिल्ली पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है. वकील ने कहा कि अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता के आवेदन पर विचार करें.

वकील सिद्धार्थ आचार्य के मार्फत दायर याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि खान ने अपने बयान में हिंदु समुदाय को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है. याचिका में आयोग के अध्यक्ष पद से उन्हें हटाए जाने की मांग की है.

याचिका में कहा गया है, ”…उन्होंने (खान) आयोग के अध्यक्ष पद का दुरूपयोग किया और उनका पद पर बने रहना अल्पसंख्यकों और आम जनता के हितों के लिए नुकसानदायक है.” इसने यह भी आरोप लगाया कि खान ने सांप्रदायिक तनाव के इरादे से बयान दिए.