नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अधिकारियों से कहा कि उस व्यक्ति के आवेदन पर विचार करें, जिसने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरूल इस्लाम खान को हिंदू समुदाय के खिलाफ उनके कथित ”भड़काऊ एवं धमकी भरे बयानों” के लिए हटाने की मांग की है.Also Read - Delhi's first electric BUS: दिल्ली की सड़कों पर दौड़ी पहली इलेक्ट्रिक बस, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर लोगों से की अपील

मामले में पेश हुए वकीलों ने बताया कि न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने हलफनामे का संज्ञान लिया और याचिका का निस्तारण कर दिया. दिल्ली निवासी मनोरंजन कुमार की याचिका में दावा किया गया कि आयोग के अध्यक्ष ने 28 अप्रैल को अपने फेसबुक अकाउंट पर बयान पोस्ट किया जिसमें उन्होंने हिंदू समुदाय को ”हिंदुत्व के प्रति धर्मांध” करार दिया. Also Read - Wipro Founder Azim Premji: अजीम प्रेमजी के खिलाफ बार-बार केस किया, कोर्ट ने दो को जेल भेजा

याचिका में खान के भड़काऊ बयानों के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की गई. Also Read - Weekend Curfew in Delhi: राजधानी में अगले 55 घंटे तक गैर-आवश्यक गतिविधियों पर रहेगी रोक

दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा और वकील ऋचा कपूर और चैतन्य गोसाईं ने अदालत से कहा कि मामले में दिल्ली पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है. वकील ने कहा कि अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता के आवेदन पर विचार करें.

वकील सिद्धार्थ आचार्य के मार्फत दायर याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि खान ने अपने बयान में हिंदु समुदाय को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है. याचिका में आयोग के अध्यक्ष पद से उन्हें हटाए जाने की मांग की है.

याचिका में कहा गया है, ”…उन्होंने (खान) आयोग के अध्यक्ष पद का दुरूपयोग किया और उनका पद पर बने रहना अल्पसंख्यकों और आम जनता के हितों के लिए नुकसानदायक है.” इसने यह भी आरोप लगाया कि खान ने सांप्रदायिक तनाव के इरादे से बयान दिए.