2000 करोड़ की संपत्ति हथियाने की हुई थी साजिश! नेशनल हेराल्ड केस में बढ़ सकती है सोनिया-राहुल गांधी की मुश्किलें, जानें कैसे

National Herald Case: एएसजी राजू ने दावा किया कि कांग्रेस के कई सीनियर नेता एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को किए गए 'फर्जी लेनदेन' में शामिल थे.

Published date india.com Published: July 2, 2025 8:54 PM IST
2000 करोड़ की संपत्ति हथियाने की हुई थी साजिश! नेशनल हेराल्ड केस में बढ़ सकती है सोनिया-राहुल गांधी की मुश्किलें, जानें कैसे

National Herald case: नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा दावा किया है. बुधवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने बताया कि कांग्रेस नेशनल हेराल्ड की करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पना चाहती थी. ईडी की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए. उन्होंने कोर्ट में कहा, ‘नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कंट्रोल करने के लिए यंग इंडियन लिमिटेड बनाने की साजिश रची गई थी, जिसमें कांग्रेस संसदीय पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी प्रमुख हिस्सेदार हैं. इसका लक्ष्य पार्टी नेतृत्व को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाना था.’

‘फर्जी लेनदेन’ का दावा

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, एएसजी राजू ने दावा किया कि कांग्रेस के कई सीनियर नेता एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को किए गए ‘फर्जी लेनदेन’ में शामिल थे. ईडी के मुताबिक, कांग्रेस के बड़े नेताओं के निर्देश पर कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से किराए का भुगतान किया था. इन लेन-देन के साथ फर्जी किराया रसीदें तैयार की गई थीं. ईडी ने दावा किया कि साजिश थी कि यंग इंडिया के माध्यम से 2,000 करोड़ की संपत्ति कब्जे में लेकर 90 करोड़ का कर्ज लिया जाए.

50 लाख में बेची 2,000 करोड़ की संपत्ति

ईडी ने ये भी बताया कि कांग्रेस कमेटी ने सार्वजनिक टेंडर निकाले बिना एजीएल की संपत्ति यंग इंडिया को 50 लाख रुपये में बेच दी, जबकि एजीएल की संपत्ति 2,000 करोड़ की थी. यंग इंडिया के पास इसे चुकाने के लिए पैसे नहीं थे, जिसके बाद यह मामला कोलकाता में शेल कंपनियों तक पहुंचा. एक करोड़ रुपए का लोन यंग इंडिया को दिया गया, जबकि इसकी बैलेंस शीट नेगेटिव थी. एएसजी राजू ने कोर्ट को बताया कि ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि यंग इंडिया पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी का नियंत्रण था. दोनों ने मिलकर 76 प्रतिशत शेयर अपने पास रखे थे. वास्तव में ये कंपनियां उनके नियंत्रण में थीं और इनके संचालन के लिए वो जिम्मेदार थे.

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