नई दिल्ली: भारत के इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी हैं जिनके दम पर मुल्क सांस लेता है. 26 नवंबर का दिन भी कुछ ऐसा ही है. इस दिन को लेकर भारतीय इतिहास खुद को गौरवान्वित महसूस करता है. आजाद भारत के लिए यह दिन महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि आज के दिन संविधान बनाने का कार्य पूरा हुआ था. इसे 2 साल 11 महीने और 8 दिन की कड़ी मेहनत के बाद इस पूरा किया गया. इसमें देश की मजबूती और एकता का एक ऐसा संकल्प है जिस पर हर भारतवासियों को नाज है.  आज से 70 साल पहले भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया था. इसी दिन संविधान सभा ने इसे अपनी स्वीकृति दी थी.

हालांकि, 26 जनवरी 1950 को भारत ने गणतंत्र का लिबास पहना और उसी दिन से नया संविधान भारत में प्रभावी हुआ. 19 नवंबर 2015 को भारत सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर 26 नवंबर को संविधान दिवस मानने का फैसला किया और उसी के बाद से पूरा देश इस दिन अपने संविधान के प्रति गर्व महसूस करता है.

किसी भी देश का संविधान पूरे देशवासियों को उसके न्याय और न्याय की प्रक्रिया का मतलब समझाता है. यह मौका और भी खास है क्योंकि संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संविधान को पास कराने के लिए प्रस्ताव पेश करने से पहले अपने भाषण में सबसे पहले राष्ट्रपिता महत्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी थी. इसी संस्कृति से तो भारत बनता है. देश की आजादी की सम्पूर्ण गाथा इस संविधान दिवस के बिना अधूरी है. जब सदन में यह प्रस्ताव पेश हो गया और इसे हरी झंडी मिल गई तब पूरे सदन ने ‘जन गण’ की शोर से इसका अभिनंदन किया.

आज संविधान दिवस के खास मौके पर हम आपको भारतीय संविधान के बारे में वो 10 खास बातें बता रहे हैं जिन्हें आपको जानना अहम है.

1. भारत का संविधान विश्व के किसी भी गणतांत्रिक देश का सबसे लंबा लिखित संविधान है.

2. संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे. जवाहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे.

3. संविधान सभा पर उस समय के हिसाब से लगभग 1 करोड़ रुपए का खर्च आया था.

4. वर्तमान समय में संविधान में 465 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियां हैं. ये 22 भागों में विभाजित है, लेकिन इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित थे इसमें केवल 8 अनुसूचियां थीं.

5. भारतीय संविधान के निर्माण में कई देशों के संविधान से महत्वपूर्ण तत्व लिए गए हैं. इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, सोवियत रूस, जापान, फ्रांस, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और जर्मनी शामिल हैं.

6. भारतीय संविधान का दो तिहाई भाग भारत शासन अधिनियम 1935 से लिया गया है.

7. असली संविधान में किसी तरह की टाइपिंग या प्रिंटिंग नहीं की गई है बल्कि प्रेम बेहारी नारायण रायजदा ने इसमें हाथ से कैलीग्राफी की है. नंदलाल बोस और अन्य कलाकारों ने अपनी चित्रकारी से इसे सजाया है.

8. संविधान की प्रस्तावना को संविधान की कुंजी या आत्मा भी कहा जाता है.

9. संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) में 42 वें संविधान संशोधन 1976 के तहत, पंथ निरपेक्ष, समाजवादी और अखण्डता शब्द जोड़े गए.

10. भारत का संविधान सबसे नम्य संविधान माना जाता है. इसका अर्थ है परिस्थिति के अनुकूल इसमें बदलाव करने की प्रक्रिया आसान है.