उच्चतम न्यायालय ने न्यायपालिका के खिलाफ कथित अपमानजनक ट्वीट के लिए कार्यकर्ता अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ शुरू की गई अवमानना कार्यवाही पर भूषण और अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल को बुधवार को नोटिस जारी किया. Also Read - कोविड-19 प्रबंधन: तकनीकी व्यवधानों की वजह से न्यायालय ने सुनवाई 13 मई तक स्थगित की

न्यायालय ने ट्विटर इंडिया के बजाए ट्विटर इंक को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए. अवमानना की कार्यवाही पर स्वत: संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने अमेरिका की कंपनी को इस मामले में अपना जवाब देने को कहा. Also Read - सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने दायर किया हलफनामा, टीकाकरण नीति का किया बचाव

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ को ट्विटर के वकील ने बताया कि अगर उच्चतम न्यायालय निर्देश दे तो वह भूषण के कथित अवमानना वाले ट्वीट हटा देंगे. Also Read - कोरोना संकट: एक्शन में सुप्रीम कोर्ट, ऑक्सीजन और दवाओं के वितरण के लिए बनाई राष्ट्रीय टास्क फोर्स

पीठ ने मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त के लिए निर्धारित की. पीठ ने अटॉर्नी जनरल को इस मामले में सहायता करने को कहा है.

गौरतलब है कि भूषण ने 27 और 29 जून को कथित अवमानना वाले ट्वीट किए थे जिनमें उच्चतम न्यायालय की आलोचना की गई थी.