उच्चतम न्यायालय ने न्यायपालिका के खिलाफ कथित अपमानजनक ट्वीट के लिए कार्यकर्ता अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ शुरू की गई अवमानना कार्यवाही पर भूषण और अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल को बुधवार को नोटिस जारी किया.Also Read - MP Local Body Election 2022: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला-ओबीसी आरक्षण के साथ ही होंगे निकाय चुनाव

न्यायालय ने ट्विटर इंडिया के बजाए ट्विटर इंक को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए. अवमानना की कार्यवाही पर स्वत: संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने अमेरिका की कंपनी को इस मामले में अपना जवाब देने को कहा. Also Read - राजीव गांधी हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिया दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ को ट्विटर के वकील ने बताया कि अगर उच्चतम न्यायालय निर्देश दे तो वह भूषण के कथित अवमानना वाले ट्वीट हटा देंगे. Also Read - ज्ञानवापी सर्वे: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- शिवलिंग वाले स्थान की सुरक्षा करें, मुस्लिमों को नमाज से न रोकें

पीठ ने मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त के लिए निर्धारित की. पीठ ने अटॉर्नी जनरल को इस मामले में सहायता करने को कहा है.

गौरतलब है कि भूषण ने 27 और 29 जून को कथित अवमानना वाले ट्वीट किए थे जिनमें उच्चतम न्यायालय की आलोचना की गई थी.