नई दिल्लीः एक माह से कम समय के भीतर कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसको देखते हुए राज्य में सट्टा उद्योग सक्रिय हो गया है. प्री पोल सर्वे के नतीजों के उलट सट्टेबाज राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित बता रहे हैं, जबकि चुनाव पूर्व के कई सर्वे में राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की तस्वीर पेश की गई थी. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सट्टेबाज भाजपा के लिए 10 पर 11 का भाव लगा रहे हैं. यानी अगर विधानसभा चुनाव में भाजपा 113 सीटें हासिल करती है तो 10 रुपये लगाने वाले को 11 रुपये मिलेंगे. यानी भाजपा की जीत होने पर पैसा लगाने वाले को 10 के बदले 21 रुपये मिलेंगे. Also Read - वादा तेरा वादा.....बिहार चुनाव में लगी वादों की झड़ी, किस पार्टी ने जनता से क्या की है प्रॉमिस, जानिए

Also Read - महाराष्ट्र में BJP को बड़ा झटका- एकनाथ खडसे ने छोड़ा पार्टी का साथ- NCP में होंगे शामिल?

वहीं सट्टेबाजों की दूसरी पसंद कांग्रेस है. कांग्रेस की जीत पर दाव लगाने वाले को अगर पार्टी जीतती है तो 10 के बदले 25 रुपये मिलेंगे. तीसरे स्थान पर जेडीएस है. हालांकि जेडीएस की जीत की उम्मीद बहुत कम है. ऐसे में सट्टा बाजार में उसे 10 के बदले 60 रुपये मिल सकते हैं. इस तरह सट्टा बाजार में भाजपा ने नाम पर कम रिर्टन मिलने की बात कही जा रही है तो इसका मतलब सट्टेबाज भी मानते हैं कि भाजपा की स्थिति बेहतर हैं. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: तेजस्वी की चाल में उलझा जदयू, 77 सीटों पर सीधा मुकाबला

कर्नाटक विधानसभा चुनाव: टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस नेताओं के समर्थकों ने की तोड़फोड़

बंगलूरू में 750 से 800 करोड़ का सट्टा बाजार

एक अनुमान के मुताबिक बंगलूरू में 750 से 800 करोड़ रुपये का पार्टी आधारित सट्टा बाजार है. इसके अलावा एक बार जब नामांकन पूरा हो जाएगा तो संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार के हिसाब से सट्टेबाजी शुरू होगी. अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इंडिया टुडे- कार्वी इनसाइट्स के ओपिनियन पोल के बाद पिछले एक सप्ताह में भाजपा का भाव 96 पैसा गिर गया है. सट्टा उद्योग से जुड़े एक सख्स ने बताया कि शुरुआती सट्टे में भाजपा का भाव 10 पर 11 का था, लेकिन प्री पोल सर्वे के बाद अधिकतर लोग भाजपा की जीत पर दाव लगा रहा हैं. इस कारण सट्टेबाज भी मानने लगे हैं कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और इस कारण भाजपा का भाव गिर गया है.

कर्नाटक में कांग्रेस की सत्‍ता वापसी की ट्रेन हो सकती है बेपटरी, जाति के खेल ने बढ़ाई मुश्किलें

इंडिया टुडे- कार्वी इनसाइट्स के ओपिनियन पोल में कांग्रेस को 90 से 101 सीटें दी गई थीं जबकि भाजपा के 78 से 86 के बीच रहने की बात कही गई थी. जनता दल सेक्युलर को 34 से 43 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी. राज्य में 12 मई को मतदान और 15 मई को काउंटिंग होगा.