उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2017 को होना है। लेकिन चुनाव की लड़ाई यहां साफ़ तौर पर नजर आने लगी है। ठीक चुनाव से पहले अगर हम कहें की उत्तर प्रदेश में पोस्टर वार चल रहा है तो वह गलत नही होगा। जग जाहिर है की रोहित वेमुला को लेकर मायावती और स्मृति ईरानी आपस में एक बार भीड़ चुकी हैं। लेकिन इस बार जो नया मामला सामने आया है उसमें मायावती को काली माँ का रूप दर्शाया गया है। Also Read - Tandav: Amazon को HC की फटकार- देवी-देवताओं का मजाक अभिव्यक्ति नहीं, जमानत याचिका खारिज

Also Read - गुस्से में विपक्ष पर बरसे CM योगी आदित्यनाथ बोले-ज्यादा गर्मी न दिखाएं, सबका पेट दर्द दूर कर दूंगा,

इस पोस्टर में बसपा प्रमुख मायावती को काली माँ का रूप दिखाया गया है और उनके हाथों में स्मृति ईरानी का सिर है इसके आलावा मायावती के चरणों के निचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पड़ा दिखाया गया है। इन दोनों के आलावा इस पोस्टर में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाथ जोड़े खडा दिखाया गया हैं और उसकें निचे लिखा है बहिन जी हमें माफ कर दो हम आरक्षण बंद नहीं करेंगे। इस पोस्टर के बाद अब बीजेपी बौखला गई है। यह भी पढ़ें : BJP पोस्टर विवाद : केशव प्रसाद मौर्या को दिखाया ‘कृष्ण’ और विपक्षी नेता बने कौरव Also Read - नहीं किया था दुष्कर्म, फिर भी 20 साल बिताए जेल में, इस शख्स की कहानी रौंगटे खड़े कर देगी...

सूत्रों की माने तो यह पोस्ट आंबेडकर जयंती के दिन देखने को मिली थी उसके बाद जब इसकी जानकरी प्रशासन के अधिकारीयों को मिली तो उन्होंने तुरंत उसे उतरवा दिया। पोस्टर के द्वारा लड़ाई का यह पहला मामला नही है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष को लेकर एक पोस्टर उत्तर प्रदेश में लगा था जिसमे उन्हें कृष्ण भगवान के रूप में दिखाया गया था। उस पोस्टर को लेकर भी काफी विवाद खड़ा हुआ था। जिसके बाद बीजेपी को उसपर सफाई देना पड़ा था।