नई दिल्ली: कांग्रेस के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग “किसी सरकारी विभाग” की तरह ही काम कर रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि कर्नाटक उपचुनाव के लिए नया कार्यक्रम अयोग्य घोषित किए गए विधायकों को निर्दोष साबित करने के लिए बनाया गया है. चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक कर्नाटक में विधानसभा की 15 सीटों पर उपचुनाव पांच दिसंबर को होंगे.

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चुनाव आयोग ने उच्चतम न्यायालय में जारी कार्यवाही का हवाला देते हुए कहा कि चर्चा के बाद यह तय किया गया कि नए कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया 11 नवंबर को फिर से शुरू होंगी. चुनाव आयोग के फैसले के बाद वेणुगोपाल ने ट्वीट किया, “चुनाव आयोग अब किसी अन्य सरकारी विभाग की तरह काम करने लगा है. (चुनाव प्रक्रिया की) कार्यवाही शुरू होने के बाद चुनाव टालना बहुत असाधारण है. प्रतीत होता है कि नया कार्यक्रम अयोग्य विधायकों के शुद्धिकरण के लिए लाया गया है.” शीर्ष अदालत 22 अक्टूबर को इस मामले में सुनवाई करेगी.

चुनाव आयोग पर इस तरह के कई आरोप पहले भी लग चुके हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान भी विपक्षियों पार्टियों ने आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा था कि चुनाव आयोग सिर्फ एक दल के लिए काम कर रही थी. बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने ट्वीट कर कहा था, ”देशभर के स्ट्रॉन्ग रूम्स के आसपास ईवीएम की बरामदगी हो रही है. ट्रकों और निजी वाहनों में ईवीएम पकड़ी जा रही है. ये कहाँ से आ रही है, कहां जा रही है? कब, क्यों, कौन और किसलिए इन्हें ले जा रहा है? क्या यह पूर्व निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है? चुनाव आयोग को अतिशीघ्र स्पष्ट करना चाहिए.”