Also Read - राज्यसभा चुनाव: हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और नीरज शेखर हो सकते हैं भाजपा उम्मीदवार

नई दिल्ली, 18 दिसम्बर | राज्यसभा में धर्मातरण का मुद्दा गुरुवार को भी छाया रहा है। विपक्षी पार्टी के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ऐसी घटनाओं के समाप्त होने का भरोसा दिलाए जाने की मांग की। ऊपरी सदन में सोमवार से यह मुद्दा छाया हुआ है और गुरुवार को शून्यकाल के दौरान इसे उठाया गया। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने प्रधानमंत्री को सदन में न बुलाए जाने पर सरकार को अहंकारी करार दिया। Also Read - Rajya Sabha Election: यूपी में राज्‍यसभा की रिक्त होने वाली 10 में से नौ सीटें जीत सकती है भाजपा, सपा को होगा भारी नुकसान

वित्त मंत्री ने अरुण जेटली ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा, “विपक्ष कह रहा है कि सरकार अहंकारी है। जब सत्र शुरू हुआ, प्रधानमंत्री सदन में आए थे और बयान दिया था। लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। अब जबकि मुद्दा उठाया जा रहा है। मुझे सदन को आश्वस्त करने दें कि सरकार की अहंकारी होने की कोई इच्छा नहीं है। हम सदन की कार्यवाही चाहते हैं।” Also Read - कृषि विधेयकों को पास कराने के तरीके पर उठे सवाल तो हरिवंश ने दी ये सफाई

मंत्री ने कहा, “सच्चाई यह है कि दोनों में से एक सदन सामान्य तरीके से चल रहा है, जबकि दूसरे को चलने नहीं दिया जा रहा। यह बहुमत का अहंकार है न कि सरकार का।” मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि प्रथम सदन में ‘निरंकुशता का बहुमत’ है, जिस वजह से वह चल रहा है।