नई दिल्ली: दिल्ली में बुधवार को कोविड-19 के 1,076 नये मामले आने से शहर में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1.4 लाख से अधिक हो गई . संक्रमण से 11 और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 4,044 हो गई. पिछले एक महीने में संक्रमण से पहली बार सबसे कम मौत हुई है. Also Read - मुंबई में COVID-19 पाबंदियों के उल्लंघन पर राज ठाकरे की पार्टी MNS के 4 नेता गिरफ्तार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वास्थ्य अधिकारियों को कोविड-19 संबंधी मौत के मामलों को पूरी तरह काबू करने के निर्देश दिए हैं ताकि एक भी मरीज की जान नहीं जाए. मंगलवार को संक्रमण के 674 मामले आए और 12 मरीजों की मौत हुई थी. Also Read - शर्मनाक: 65 साल की महिला ने कोरोना को हराया, पर इंजीनियर बेटे से हारी, घर में घुसने नहीं दे रहा...

इससे पहले 27 जून को उपचार करा रहे मरीजों की संख्या 28,329 थी. इसके बाद चार अगस्त से संख्या घटने लगी और अब यह 10,000 से कम हो चुकी है. शहर में नौ जून को सात लोगों की मौत की बात कही गयी लेकिन मौत के आंकड़ों में बाद में कई बार बदलाव किए गए. Also Read - IPL 2020: CSK फैंस के लिए खुशखबरी; कोविड टेस्ट पास कर स्क्वाड में लौटे रुतुराज गायकवाड़

बुधवार के बुलेटिन में कहा गया कि संक्रमण के कुल मामले 1,40,232 हो गए हैं . ठीक होने की दर 90 प्रतिशत के करीब है . बुलेटिन के मुताबिक कोविड अस्पतालों में 10,583 बेड खाली हैं . शहर में 1,26,116 मरीज ठीक हो चुके हैं . कुल 5,227 मरीज घर पर पृथक-वास में हैं . दिल्ली में अब तक 10,99,882 जांच की गयी है . बुधवार को निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या 481 है.

इस बीच, चार मृत्यु निगरानी समितियों ने दिल्ली सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी और मृत्यु दर में कमी लाने के मद्देनजर जल्द ही मामलों की पहचान करने और मरीजों को आईसीयू में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया. रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया कि शुरुआती स्तर पर ही प्लाज्मा थैरेपी देने से मृत्यु दर को काफी हद तक नीचे लाया जा सकता है.

केजरीवाल ने 10 कोविड-19 अस्पतालों में उच्च मृत्यु दर का आकलन करने के लिए इन समितियों का गठन किया था. एक बयान में सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और कहा कि शहर में कोविड-19 संबंधित मामलों की मृत्यु दर को शून्य पर लाने के लिए सभी कदम उठाए जाएं.

सरकार ने अस्पतालों में मृत्यु दर कम करने के संबंध में समितियों द्वारा दिए गए सुझावों को भी लागू करने का निर्णय लिया. उधर, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने संवाद और विकास आयोग (डीडीसी) को बुधवार को निर्देश दिया कि सरकार का राजस्व आधर बढ़ाने के तरीके खोजने के लिए वह विस्तृत अध्ययन करे.

गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के कारण दिल्ली सरकार का राजस्व काफी कम हो गया है. दिल्ली में वित्त और शिक्षा मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे सिसोदिया ने कहा कि डीडीसी राजस्व प्राप्ति के तरीकों में विस्तार के लघु और दीर्घ आवधिक उपाय सुझाए और इस संबंध में दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे.

सरकारी बयान के अनुसार, सिसोदिया ने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी से सरकार के राजस्व को बहुत नुकसान हुआ है, राजस्व वृद्धि के लिए हर संभव उपाय करने की आवश्यकता है, ताकि सरकार दिल्ली वासियों के कल्याण के लिए सभी जरुरी काम और कार्यक्रमों को जारी रख सके.’’