नई दिल्ली: पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस के चपेट में हैं. विश्व में दो सौ से ज्यादा देश इस खतरनाक वायरस की गिरफ्त में है. सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस जैसी महामारी को लेकर चिंता जताया और दुनिया भर के लिए चेतावनी भी जारी की. पूरे विश्व में अब तक इस वायरस से करीब तीन लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित है वहीं अब तक 15 हजार से ज्यादा लोग इसकी वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं. Also Read - अब कोरोना वायरस से हुई मौतों पर भी बीमा कंपनी को देना होगा क्लेम, नहीं कर सकती इनकार

इस फैले महामारी की वजह सेपंजाब के लगभग 90,000 लोग जो विदेश में रह रहे थे, अब घर लौट चुके हैं. इतने बड़े संख्या में जब बाहर के देशों से लोग राज्य में आए हैं तब ज़रूरी है इसे फैलने से रोका जाए. यह सुनिश्चित करने के लिए अमरिंदर सिंह सरकार ने कहा की उन्होंने एक बड़ी सुरक्षा, स्वच्छता और चिकित्सा तैयारी अभियान के लिए केंद्र से 150 करोड़ रुपये की मांग की है. Also Read - Corona Kavach App: भारत सरकार ला रही है कोरोना कवच ऐप, ये बताएगा आसपास कहां है COVID-19 का मरीज, मिलेगा Alert

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को लिखे पत्र में, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने लिखा: “पंजाब में देश के एनआरआई की अधिकतम संख्या है और उनमें से 90,000 लोग इसी महीने राज्य में आए हैं. कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण हैं और वे बीमारी आगे फैला रहे हैं. अगर समय पर कोई कदम नहीं उठाया गया तो इस महामारी के रोगियों की संख्या खतरनाक रूप से बढ़ने जा रही है”. Also Read - Coronavirus In Air: कोरोना संक्रमित छींक दे तो हवा में 3 घंटे तक जीवित रहते हैं 3000 कण, क्या गर्मी आने से खत्म होगा COVID-19

अब तक उनमें से 23 लोगों का केस पॉजिटिव आया है जिसमें से एक की मृत्यु भी हो गई है. बता दें की राज्य में दो दिन पहले सभी सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) को बंद कर दिया गया है और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध की घोषणा भी की गई है. पंजाबकर्फ्यू की घोषणा करने वाला पहला राज्य बन गया, और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी फरमान दे दिया गया.

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी ट्वीट करते हुए कहा की “पिछले कुछ दिनों में, हमने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है”.  बता दें किराज्य में कर्फ्यू उल्लंघन के लिए 48 मामले दर्ज किए गए थे.