नई दिल्ली: दिल्ली में कोरोनावायरस के रोगी अब पांच से साढ़े पांच प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं. शुरुआत में दिल्ली में कोरोनावायरस का संक्रमण 20 प्रतिशत की दर से फैल रहा था. वहीं कोरोनावायरस के कारण गंभीर रूप से बीमार हुए रोगी प्लाज्मा तकनीक से हुए उपचार के बाद अब ठीक हो चुके हैं. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, “शुरुआती दौर में दिल्ली में प्रतिदिन 20 प्रतिशत नए रोगी सामने आ रहे थे. इसके बाद यह आंकड़ा घटकर 10 से 12 फीसदी रह गया. अब प्रतिदिन कुल रोगियों की संख्या के मुकाबले लगभग पांच फीसदी नए रोगी आ रहे हैं.” Also Read - Anti-COVID Drug: DRDO की विकसित एंटी कोविड दवा 2DG लॉन्च हुई

सत्येंद्र जैन ने कहा, “दिल्ली में जहां पहले सिर्फ तीन से चार दिनों में कोरोनावायरस के मामले दोगुने हो रहे थे, अब वहीं कोरोना रोगियों की संख्या दोगुनी होने में 13 दिनों का समय लग रहा है.” गौरतलब है कि दिल्ली में अभी तक कोरोनावायरस के कुल 2514 रोगी हैं. शुक्रवार को 138 नए रोगियों का पता चला था. 2514 रोगियों में से 857 व्यक्ति कोरोनावायरस से पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं. वहीं 53 रोगियों की मृत्यु हो चुकी है. Also Read - Delhi: सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में मरीज कर रहे ध्‍यान-योग, ITBP के काउंसिलर कर रहे मदद

सत्येंद्र जैन ने कोरोना रोगियों के उपचार में प्लाज्मा तकनीक को कारगर बताया है. उन्होंने कहा, “अभी तक गंभीर रूप से बीमार छह रोगियों को प्लाज्मा तकनीक से उपचार दिया गया है. इसके बेहतर नतीजे देखने को मिले हैं. प्लाज्मा तकनीक से रोगियों की हालत में तेजी से सुधार हुआ है.” Also Read - 'खान चाचा' का मालिक नवनीत कालरा ऑक्‍सीजन कंसंट्रेटर की ब्‍लैक मार्केटिंग केस में अरेस्‍ट

एक विशेष तकनीक के जरिए प्लाज्मा को रक्त से अलग किया जाता है. इसके लिए प्लाज्मा ऐसे व्यक्तियों के रक्त से लिया जाता है, जो स्वयं पहले कोरोनावायरस से पीड़ित थे, लेकिन अब ठीक हो चुके हैं. इन ठीक हो चुके लोगों के खून में कोरोनावायरस से लड़ने के लिए एक विशेष एंटीबॉडी होती है, जो प्लाज्मा के जरिए गंभीर रूप से बीमार रोगियों को चढ़ाया जाता है. खून से मिले प्लाज्मा का इस्तेमाल एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती गंभीर रूप से बीमार कोरोना रोगियों के उपचार हेतु किया जा रहा है.