नई दिल्ली: देशभर में फैली सभी प्रयोगशालाओं को आईसीएमआर मुख्यालय से सीधे जोड़ा गया है. कोरोना वायरस के संभावित रोगियों का पता लगा रही इन प्रयोगशालाओं के अधिकारियों से रोजाना रोगियों और नतीजों को लेकर पूरा ब्योरा लिया जा रहा है. साथ ही इन सभी से कोरोनावायरस की जांच से संबंधित सभी विषयों पर रोजाना चर्चा भी की जा रही है. आईसीएमआर के स्थानीय निदेशक डॉ. रजनीकांत श्रीवास्तव ने आईएएनएस से कहा, “देशभर में प्रयोगशालाओं का हमारा पूरा नेटवर्क है. पूरे देश में फैली इन प्रयोगशालाओं के अंतर्गत कोरोनावायरस के संक्रमण से संबंधित परीक्षण किए जा रहे हैं. Also Read - दिल्‍ली में Coronavirus संक्रमण के 20 हॉटस्‍पॉट सील, आना-जाना बैन, मास्‍क लगाना जरूरी

उन्होंने कहा, “कोरोना वायरस की रोकथाम और तेजी से इसके संक्रमण की जांच करने के लिए देशभर में प्रयोगशालाओं का पूरा नेटवर्क तैयार किया गया है. राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वायरस की जांच, रोगियों की चिकित्सा और प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली बेहतर और सुचारू बनाए रखने के लिए देशभर में फैले इन संस्थानों के बीच तालमेल बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है. विभिन्न संस्थाओं के बीच तालमेल बैठाने का किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा “बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से सभी प्रयोगशालाओं को केंद्रीकृत किया गया है. देशभर में कोरोनावायरस से निपटने के लिए विभिन्न मंत्रालय एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. भारत सरकार के अलग-अलग विभागों के बीच सूचना और जानकारी का कोई अभाव न रहे इसके लिए मंत्री लगातार इन विभागों की निगरानी कर रहे हैं.” Also Read - #MainBhiCOVIDWarrior : विराट, सचिन, युवी सहित ये स्‍टार क्रिकेटर हैं कोरोना वॉरियर्स

कोरोना वायरस के 1400 मामलों की जांच रोजाना की जा सकती है. देशभर में कोरोना वायरस के मामलों में हो रही वृद्धि को देखते हुए अब आईसीएमआर ने भी अपनी प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है. आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा, “फिलहाल देशभर में 72 प्रयोगशालाओं में कोरोनावायरस की जांच की जा रही है. 19 मार्च से 49 और प्रयोगशालाओं को इस काम में शामिल किया जाएगा.” डॉ. बलराम भार्गव के मुताबिक कोरोना वायरस की जांच में जल्द ही कई निजी प्रयोगशालाओं को भी शामिल किया जा सकता है. कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में अभी दूसरे स्तर पर है. यह अगले स्तर तक ना पहुंचे और अधिक से अधिक लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सके, इसके लिए डॉ.रजनीकांत श्रीवास्तव ने लोगों से कहा कि बचाव ही इस बीमारी का सबसे अच्छा उपाय है. भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचा जाए. ऐसे स्थानों या लोगों के समूह से इस दौरान दूरी बनाकर रखी जाए. Also Read - Coronavirus: शरद पवार ने PM से उठाया जमात का मुद्दा, बोले- खास समुदाय को दोष देना ठीक नहीं