Covid Vaccination News: देश में वैक्सीनेशन की शुरुआत के साथ ही कोरोना के खिलाफ जंग तेज हो चुकी है. टीकाकरण के दौरान कई तरह के साइड इफेक्ट (Corona Tike ke Side Effect) भी सामने आ रहे हैं. इन घटनाओं को देखते हुए भारत बायोटेक (Bharat Biotech) और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने फैक्टशीट जारी कर यह बताया है कि किन-किन लोगों को टीका नहीं लगवानी चाहिए. उधर, केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए टीका लेने वाले कुल लोगों में से महज 0.18 प्रतिशत में ही प्रतिकूल असर देखने को मिला, जबकि 0.002 प्रतिशत लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जो कि बहुत निम्न स्तर है.Also Read - Covaxin And Covishield: विशेषज्ञ समिति ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन को खुले बाजार के लिए सिफारिश की

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नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि टीकाकरण के बाद दुष्प्रभाव और गंभीर समस्या अब तक नहीं देखने को मिली है. प्रतिकूल असर के नगण्य मामले आए हैं. Also Read - COVID-19 टास्क फोर्स चीफ ने EC से कहा, बड़ी रैलियों पर लगाई जाए रोक: सूत्र

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दोनों टीके सुरक्षित हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक टीकाकरण के बाद प्रतिकूल असर (एईएफआई) के अब तक केवल 0.18 प्रतिशत मामले आए हैं और केवल 0.002 प्रतिशत लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जो कि निम्न स्तर है. जहां तक हमें पता है पहले तीन दिनों में प्रतिकूल असर का यह सबसे कम मामला है.’ उन्होंने कहा कि भारत में पहले दिन कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत सबसे अधिक लोगों को टीके दिए गए.

नीति आयोग के सदस्‍य वीके पॉल ने कहा, ‘वैक्‍सीन को बनाने में काफी मेहनत लगी है. अगर हमारे हेल्‍थकेयर वकर्स, खासतौर पर डॉक्‍टर्स और नर्सें ही इससे इनकार कर रहे हैं तो यह बहुत ही परेशान करने वाली बात है. हमें नहीं पता कि यह महामारी क्‍या रूप ले सकती है और कितनी बड़ी हो सकती है, इसलिए कृपया टीकाकरण जरूर करवाइए.’

बता दें कि देशभर में टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 जनवरी से शुरू हो चुकी है. मंगलवार यानी आज वैक्सीनेशन का चौथा दिन था.

(इनपुट: एजेंसी)