India Covid Vaccine Updates: देश में कोरोना का कहर जारी है. भारत में कोरोना वायरस से 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है वहीं, अब तक 65 लाख से ज्यादा लोग इसके संक्रमण के शिकार हो चुके हैं. कोराना के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के देशों को ऐसे वैक्सीन का इंतजार है, जो COVID के खिलाफ कारगर और सुरक्षित हो. भारत में भी तीन-तीन वैक्सीन (Corona Vaccine) पर शोध जारी है.Also Read - Big News! कोरोना वैक्सीन नहीं लेने वालों पर लगने जा रहा प्रतिबंध? सिनेमाघर, मेट्रो, बस इत्यादि में प्रवेश होगा निषेध

इस बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ( Dr Harsh Vardhan) ने कहा कि अगले साल जुलाई तक 20-25 करोड़ लोगों को कोविड-19 के टीके (COVID Vaccine) की 40-50 करोड़ खुराक दिए जाने का अनुमान है. साथ ही, टीके के लिये प्राथमिकता वाले आबादी समूह की सूची अक्टूबर के अंत तक राज्यों से प्राप्त करने को लेकर एक प्रारूप तैयार किया जा रहा है. Also Read - Covid19 का टीका लगवाओ, टीवी, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे उपहार ले जाओ, पढ़ें कहां मिल रहा यह ऑफर

स्वास्थ्य मंत्री से रूस के ‘Sputnik V’ टीके (Russian Covid Vaccine News) के भारत में तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विषय अभी विचाराधीन है और अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद प्रतिकूल परिणाम आना सामान्य है. इंजेक्शन वाले स्थान पर दर्द होना, हल्का बुखार आना और बेचैनी महसूस होने जैसी चीजें देखने को मिल सकती हैं. हालांकि ये टीके की सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया को प्रभावित नहीं करती. Also Read - Omicron के खतरों के बीच क्या आने वाला है वैक्सीन का बूस्टर डोज? इस कंपनी ने DCGI से मांगी इजाजत

मानव पर टीके के परीक्षण की नैतिक चिंताओं पर हर्षवर्धन ने कहा, ‘जब तक वैश्विक अनुभव के मुताबिक लाभ मिलने की बात साबित नहीं हो जाती है, तब तक भारत की योजना ऐसे परीक्षणों के लिये आगे बढ़ने की नहीं है.’

डॉक्टर हर्षवर्धन ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय एक प्रारूप तैयार कर रहा है, जिसमें राज्य सरकारें प्राथमिकता वाले आबादी समूह की सूची सौंपेंगी. अग्रिम मोर्चे के स्वास्थ्य कर्मियों की सूची में सरकारी और निजी क्षेत्र के चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिकल कर्मी, स्वच्छता कर्मी, आशा कार्यकर्ता, निगरानी अधिकारी और संक्रमित मरीजों का पता लगाने, उनकी जांच करने तथा उनके उपचार से जुड़े अन्य कर्मी शामिल होंगे.

मंत्री ने कहा कि इस कवायद को अक्टूबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा और राज्यों को इस बारे में दिशार्निर्देश दिया जा रहा है कि वे शीतलन श्रृंखला (कोल्ड चेन) भंडारण सुविधाओं और अन्य संबद्ध बुनियादी ढांचे के बारे में ब्योरा सौंपें, जो प्रखंड स्तर पर जरूरी होंगे.

(इनपुट: एजेंसी)