Corona Vaccine New Guidelines: कोरोना महामारी की दूसरी लहर में संक्रमित मामलों की संख्या में भले ही कमी आई है लेकिन अभी खतरा टला नहीं है. दूसरी लहर के धीमे पड़ते ही अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका तेज हो गई है. इस महामारी से बचने के लिए एक तरफ देश में टीकाकरण की रफ्तार तेज की गई है तो वहीं इसे लेकर गाइडलाइंस का पालन करना सबके लिए अनिवार्य कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने बचाव के लिए सभी से वैक्सीन लगवाने को कहा है.Also Read - CoronaVirus In India Latest Update: कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, एक दिन में मिले 18,819 नए कोरोना मरीज, 39 लोगों की मौत

कोरोना की वैक्सीन अब गर्भवती महिलाएं भी लगवा सकती हैं, ये पूरी तरह से सुरक्षित है और होनेवाले बच्चे को भी इस वायरस से बचा सकता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को गर्भवती महिलाओं के लिए कोरोना वायरस की नई गाइडलाइंस जारी की है. Also Read - Covid 19 In India: 24 घंटे कोरोना से 11,739 मामले आए सामने, एक्टिव मामलों की बढ़ी संख्या

गर्भवती महिलाओं के लिए कितनी सुरक्षित है कोरोना वैक्सीन  Also Read - Covid 19 in India: कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, 24 घंटे में 17,336 लोग हुए संक्रमित, महाराष्ट्र में बढ़े एक्टिव मामले

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइंस में स्पष्ट किया गया है कि कोरोना वैक्सीन गर्भवती महिलाओं के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है और ये वैक्सीन गर्भवती महिलाओं को भी अन्य लोगों की तरह ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव प्रदान करती है. पूरी तरह से सुरक्षित होने के कारण जारी गाइडलाइंस में गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने की सलाह दी गई है.

गर्भवती महिलाएं भी जरूर लगाएं कोरोना टीका

गाइडलाइंस में कहा गया है कि गर्भवती महिलाओं के कोरोना संक्रमित होने के बाद शुरुआत में संक्रमण के लक्षण हल्के होंगे, लेकिन फिर तेजी से उनका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और इससे उनके पेट में पल रहा बच्चे का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है. इसीलिए यह महत्वपूर्ण है कि वे खुद को कोविड-19 से बचाने के लिए सभी तरह की सावधानी बरतें और टीका जरूर लगवा लें.

गर्भ में पल रहे बच्चे को भी प्रभावित करता है कोरोना वायरस
गाइडलाइंस में आगाह किया गया है कि 95 फीसदी से अधिक मामलों में कोविड पॉजिटिव मांओं के बच्चों का स्वास्थ्य जन्म के समय बेहतर रहा है, लेकिन कुछ मामलों में देखा गया है कि गर्भावस्था में कोविड संक्रमण के कारण प्री-मैच्योर डिलीवरी की स्थिति बनी रहती है. ऐसे बच्चों का वजन 2.5 किलोग्राम से कम हो सकता है और जन्म से पहले ही यानी गर्भ में ही बच्चे की जान भी जा सकती है.

इन गर्भवती महिलाओं को कोरोना का ज्यादा है खतरा  
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि जिन गर्भवती महिलाओं की उम्र 35 साल से अधिक है, जिनका वजन भी अधिक है और जिन्हें डायबिटीज या हाई बल्ड प्रेशर की समस्या है, उन्हें कोविड-19 संक्रमण का खतरा अधिक है. गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि अगर महिला गर्भावस्था के दौरान कोविड-19 की चपेट में आकर उससे उबर चुकी है तो वह टीके के लिए थोड़ा इंतजार कर सकती है, लेकिन डिलीवरी के तुरंत बाद उसे वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए.