Corona Vaccine Facts: कोरोना वायरस से बचने के लिए वैक्सीन को लेकर लोगों की उत्सुकता काफी बढ़ती जा रही है. कई देशों में कोरोना का टीकाकरण शुरू हो चुका है और जनवरी से भारत में भी टीकाकरण की शुरूआत हो रही है. लेकिन वैक्सीन को लेकर लोगों के जेहन में कई तरह के सवाल हैं-कौन सा टीका सुरक्षित होगा, इसका कोई साइड इफेक्ट तो नहीं होगा, टीका लगने के बाद हम सुरक्षित तो हो जाएंगे… Also Read - Coronavirus Vaccination: इस देश ने कोविड-19 के लिए भारत में बनी एस्ट्राजेनेका के टीके को दी मंजूरी

वैक्सीन आपको बचाता है, आपके अपनों की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता Also Read - कोविड वैक्सीनेशन से पहले बोले स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन- कल एक अहम दिन...कोरोना के खिलाफ लड़ाई का यह अंतिम चरण

इन सवालों का एक ही जवाब है कोरोना का टीका आपको तो संक्रमण से बचाता है मगर लापरवाही बरतने पर आप दूसरों तक संक्रमण फैलाने के वाहक बन सकते हैं.  ये कहना है जॉर्ज वॉशिंगटन विश्वविद्यालय की महामारी विशेषज्ञ प्रो. लीना वेन ने का. उन्होंने कहा कि लोगों को यह बात समझनी होगी कि कोरोना का टीका आपको तो बचाएगा, लेकिन आपके अपनों की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. क्योंकि अगर लोग टीका लगवाने के बाद बचाव के तरीकों का पालन नहीं करेंगे तो वे अपनों के लिए खतरा बन सकते हैं. Also Read - दिल्ली में 81 जगहों पर लगाई जाएगी वैक्सीन, हफ्ते में 4 दिन होगा यह काम

टीका लगवाने के बाद मास्क पहनें, शारीरिक दूरी का पालन करें

उन्होंने कहा कि अभी हम इस बारे में नहीं जानते कि क्या यह टीका हमारे शरीर में बिना लक्षण वाला कोरोना संक्रमण पैदा कर सकता है? इस बारे में अभी तक अध्ययन नहीं हुआ है, पर इस बात की संभावना है कि वैक्सीन लगवाने वाला व्यक्ति एसिम्प्टोमैटिक कोरोना संक्रमण का वाहक हो सकता है. उस व्यक्ति के नासिका मार्ग में वायरस हो सकता है, जो उसके बोलने, सांस लेने, छींकने पर दूसरे लोगों तक पहुंच सकता है, इसलिए जरूरी है कि टीका लगवाने के बाद भी सभी मास्क पहनें और शारीरिक दूरी का पालन करें.

हर्ड इम्युनिटी पैदा होने तक सतर्कता जरूरी

लीना ने अमेरिका के संदर्भ में कहा कि यहां संक्रमण के खिलाफ झुंड की प्रतिरक्षा या हर्ड इम्युनिटी पैदा होने के लिए जरूरी है कि 70 फीसदी अमेरिकियों को टीका दिया जाए. अभी यहां सीमित मात्रा में ही टीका उपलब्ध है, ऐसे में अगले साल गर्मी तक ही इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है, इसलिए जरूरी है कि जो लोग टीका पा रहे हैं, वे बचाव के तरीकों का पालन दूसरों की तरह करें.

वैक्सीन से सुरक्षा की शत-प्रतिशत गारंटी नहीं

लीना ने कहा कि हमें यह भी ध्यान रखना होगा कि टीका प्रभावी तो है पर यह शत प्रतिशत प्रभावी नहीं साबित हुआ है. यानी इस बात की संभावना है कि टीका लगवाने वाला भी संक्रमण फैला सके या संक्रमित हो जाए.

फाइजर के टीका निर्माण की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच पड़ताल करने वाले गैर लाभकारी संगठन एलर्जी एंड अस्थमा नेटवर्क की डॉ. पूर्वी पारिख का कहना है कि इन टीकों के निर्माण में संक्रमण के फैलाव से ज्यादा इसके बचाव पर जोर दिया गया है. वैज्ञानिकों के पास टीका बनाने का बहुत ही कम समय था, ऐसे में उन्होंने संक्रमण से बचाव, संचरण व फैलाव यानी तीनों पक्षों पर गहरायी से काम नहीं किया. इसलिए संभावना है कि टीका लगवाने के बाद भी लोग संक्रमण के वाहक बन जाएं.