नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने देश में तबाही मचाई हुई है. इस बीच एम्स, दिल्ली बड़ी कामयाबी की ओर है. एम्स दिल्ली द्वारा कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल यानी इंसानों पर परीक्षण शुरू हो गया है. आज से इंसानों पर वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो गया है. एम्स के साथ ही देश के 12 केन्द्रों पर ये ट्रायल हो रहे हैं. इस वैक्सीन का नाम कोवैक्सीन (Covaxin) है.Also Read - Corona Virus Update 25 October: 24 घंटे में 443 लोगों की मौत, 14 हज़ार से अधिक नए मामले मिले

एम्स, दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि ये ट्रायल 100 स्वस्थ लोगों पर किया जा रहा है. जिन लोगों पर ट्रायल होगा, उनकी उम्र 18 से 55 साल के बीच होगी. वैक्सीन इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने अपील की कि ट्रायल के लिए उन्हें और लोगों की ज़रूरत होगी. इसके लिए लोग आगे आयें और रजिस्ट्रेशन कराएं. डॉ. गुलेरिया ने बताया कि 18 से 55 साल के स्वस्थ लोग रजिस्ट्रेशन कराएंगे, उनका कोरोना और लीवर टेस्ट करना ज़रूरी होगा. Also Read - चीन के लिए खतरे की घंटी, कोरोना फैलने से एक स्टेट में सभी पर्यटक स्थल बंद

डॉ. गुलेरिया के अनुसार ट्रायल दो बार होगा, यानी जिस शख्स पर ट्रायल होगा. उसे दो डोज़ दी जाएँगी. एक डोज़ के बाद दूसरी डोज़ दो सप्ताह बाद दी जाएगी. बता दें कि भारत में कोरोना की वैक्सीन के दो ट्रायल चल रहे हैं. अभी जिसका ह्यूमन ट्रायल शुरू हुआ है वह बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा तैयार की जा रही है. इसके साथ ही जायडस कैडिला भी देश में कोरोना की वैक्सीन पर काम कर रही है. इन लोगों का काम उल्लेखनीय है. जबकि आधा दर्जन भारतीय कंपनियां इस काम में लगी हैं. Also Read - संजय राउत का दावा- 100 करोड़ वैक्सीन लगाने का दावा ‘झूठा’, लगे सिर्फ इतने खुराक