Coronavirus Vaccine Updates: केंद्रीय औषधि मानदंड नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के एक विशेषज्ञ पैनल ने डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy’s) से कहा है कि वह कोविड-19 के रूसी टीके स्पुतनिक-5 (Sputnik V) के मनुष्यों पर परीक्षण के दूसरे तथा तीसरे चरण के प्रोटोकॉल की समीक्षा करने के बाद इस संबंध में नये सिरे से आवेदन करे. सूत्रों ने बताया कि हैदराबाद स्थित दवा कंपनी ने रूसी टीके का मनुष्यों पर परीक्षण करने के तीसरे चरण की अनुमति पाने के लिए पिछले सप्ताह भारत के औषधि महानियंत्रक के पास आवेदन किया था. Also Read - कोल्ड चेन की कमी से दुनिया में तीन अरब लोगों तक कोरोना टीका पहुंचने में हो सकती है देर

सूत्रों ने बताया कि सीडीएससीओ में कोविड-19 पर विशेषज्ञों की समिति (एसईसी) ने आवेदन पर विचार करने के बाद कंपनी से कहा कि वह प्रोटोकॉल की समीक्षा करके नए सिरे से आवेदन देकर यह बताए कि वह दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण एक साथ करना चाहती है. कंपनी से और सूचनाएं भी मांगी गई हैं. Also Read - Covid Vaccine Available in Market: इस देश में बिकने लगी कोरोना वैक्सीन, जानें किसे-कितनी डोज-किस कीमत में दी जा रही है

सूत्र ने बताया, ‘इसका अर्थ यह है कि डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज को नया आवेदन देना होगा. एसईसी के अनुसार उन्हें दूसरे और तीसरे चरण के दोनों क्लीनिकल परीक्षण करने होंगे, वह भारत में टीके का सीधा-सीधा तीसरे चरण का परीक्षण नहीं कर सकते हैं.’ डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज ने रूसी डायरेट इंवेस्टमेंट फंड के साथ कोविड-19 के टीके स्पुतनिक-5 के क्लीनिकल परीक्षण और आपूर्ति के लिए समझौता किया है. Also Read - इंसानों की त्वचा पर कितनी देर तक रह सकता है Coronavirus? स्टडी में हुआ यह खुलासा

एक दिन पहले जब स्वास्थ्य मंत्री से रूस के ‘Sputnik V’ टीके के भारत में तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विषय अभी विचाराधीन है और अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद प्रतिकूल परिणाम आना सामान्य है. इंजेक्शन वाले स्थान पर दर्द होना, हल्का बुखार आना और बेचैनी महसूस होने जैसी चीजें देखने को मिल सकती हैं. हालांकि ये टीके की सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया को प्रभावित नहीं करती.

(इनपुट: भाषा)