नई दिल्ली: मास्क (Mask) न पहनने वालों के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने अलग-अलग स्थानों पर 137 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की. दिल्ली पुलिस मुख्यालय सूत्रों के अनुसार, ये 137 मामले उत्तर पश्चिम, दक्षिणी, उत्तरी, बाहरी और शाहदरा जिलों में दर्ज किए गए. सबसे ज्यादा मास्क न पहनने वाले 32 लोगों के खिलाफ उत्तर पश्चिमी दिल्ली जिले में चालान काटे गए. Also Read - कोरोना संकट के बीच अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से शुरू होगी, ऐसी कड़ी शर्तों के साथ 3 अगस्त तक चलेगी

इसी तरह मास्क न पहनने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने वाला दक्षिणी दिल्ली जिला दूसरे नंबर पर रहा. यहां पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर 23 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की. इसी तरह उत्तरी और बाहरी दिल्ली जिले में क्रमश: 20 और 14 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. ये सभी लोग मास्क नहीं पहने थे. इसके साथ ही पुलिस ने शब-ए-बारात के दौरान कानून का पालन न करने वाले 240 लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की है. यह कार्रवाई महरौली थाना पुलिस ने की. यहां पुलिस ने 240 लोगों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्यवाही करके छोड़ दिया. Also Read - Coronavirus Update: देश में 24 घंटे में COVID के सबसे अधिक 9887 मामले, मौतों का भी टूटा रिकॉर्ड

इतनी सख्ती इसलिए की जा रही है क्योंकि कोरोना (Corona Virus) नाक के रास्ते शरीर में पहुंच सकता है. अगर कोई कोरोना संक्रमित खांसता या फिर छींकता है तो ड्रॉपलेट्स (थूक के कण) आसपास लोगों को कोरोना से संक्रमित कर सकते हैं. इसलिए चिकित्सकों की पहली सलाह यही है कि बाहर निकलें तो बिना मास्क के बाहर न निकलें. अगर मास्क न हो तो गमछा या रुमाल ही लपेट लें. Also Read - Coronavirus In Delhi Update: 24 घंटे में दिल्ली में सबसे ज्यादा लोगों की हुई मौत, हजार से अधिक संक्रमित

बता दें कि दिल्ली भी कोरोना की चपेट में है. पूरे देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं. अब तक 6 हज़ार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि करीब 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. देश में लॉकडाउन हैं, लेकिन ज़रूरी चीज़ों के लिए निर्धारित समय पर लोग निकल रहे हैं. ऐसे में भी उन्हें मास्क पहनने की हिदायत की गई है. लॉकडाउन 14 अप्रैल को ख़त्म हो रहा है, लेकिन इसे बढ़ाया जा सकता है. अधिकतर ओडिसा और पंजाब ने खराब हालात देखते हुए लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है. दुनिया भर में कोरोना के अब तक करीब 15 लाख मामले सामने आ चुके हैं, जबकि मरने वालों की संख्या एक लाख के करीब पहुंच गई है.