Corona Virus in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के कई जिलों के 31 से अधिक इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है, जिससे क्षेत्रों में कोई भी आवाजाही नहीं हो पा रही है. जिन इलाकों को सील किया गया है, ये वो इलाके हैं जहां पिछले 48 घंटों में कोरोना वायरस (Corona Virus) पॉजिटिव केस पाए गए हैं. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के अब तक 308 मामले मिल चुके हैं. Also Read - लॉकडाउन: अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को फोन कर पूछा, अब आगे क्या?

ये हैं वो जिले जहां के कई इलाके हुए हैं सील
रायबरेली के कोतवाली क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है. यहाँ 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. यहाँ दो कोरोना के मरीज मिले थे. रायबरेली के पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने कहा कि नगर कोतवाली क्षेत्र में 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. इसके अवाला वाराणसी में चार इलाकों को सील कर दिया गया है. इनमें मदनपुरा, बजरडीहा, गंगापुर और लोहता शामिल हैं. वाराणसी के साथ ही प्रतापगढ़, हाथरस, गाजीपुर, आजमगढ़ और कानपुर, सीतापुर के विभिन्न इलाकों को भी सील कर दिया गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “सभी सील हुए क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है और संक्रमण को रोकने के लिए यह किसी भी तरह के मूवमेंट को रोक दिया गया है.” Also Read - स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस देश की चुनौतियों से फायदा उठाने की कोशिश में है, वो यही कर सकती है

लखनऊ के पूरे सदर बाजार क्षेत्र को शुक्रवार शाम सील कर दिया गया था. यहां एक मस्जिद में तब्लीगी जमात के 12 सदस्य पाए गए जिनमें से 11 का इस घातक वायरस के लिए परीक्षण पॉजिटिव आया था. सील किए गए सदर बाजार के निवासी रमेश भसीन ने बताया कि उन्हें अपने दरवाजे पर खड़े होने या खिड़कियों के माध्यम से पड़ोसियों से बात करने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है. Also Read - देश में 1.3 अरब लोगों का कोरोना का टेस्ट संभव नहीं, ये बहुत महँगा पड़ेगा: डॉ. हर्षवर्धन

यह पूछे जाने पर कि लॉकडाउन अवधि में इलाकों को सील करने की जरूरत पड़ी क्योंकि तो पुलिस अधिकारी ने बताया, “लॉकडाउन में, आवाजाही पर प्रतिबंध होता है, आपात स्थिति होने पर ही लोग बाहर जा सकते हैं. लेकिन जब हम किसी क्षेत्र को सील करते हैं, तो वहां किसी को भी घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती है और आपात स्थिति होने पर हम उनके पास पहुंचते हैं.”

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कानून और व्यवस्था, पी.वी. रामसस्त्रि ने कहा कि जिला पुलिस प्रमुखों और दो पुलिस आयुक्तों को एक निर्देश जारी किया गया है, जिसमें किसी भी स्थिति के प्रभावी संचालन के लिए एक रैपिड एक्शन टीम (आरएटी) और राज्य में कोरोना फैलने के कारण उत्पन्न हुई किसी भी स्थिति में अन्य विभागों के साथ समन्वय के लिए एक नोडल कोरोना सेल की स्थापना करने को कहा गया है. उन्होंने कहा, “एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों के अनुसार जोखिम वाले क्षेत्रों से निपटने का एक उचित तरीका बताया गया है, उसे भी सभी जिलों के साथ साझा किया गया है.” उन्होंने कहा कि किसी भी ऑपरेशन को शुरू करने के लिए जरूरी उपकरण राज्य के सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को उपलब्ध कराए गए हैं.