नई दिल्ली: चीन के वुहान से निकलकर कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया में फैल चूका है. भारत देश में भी इससे जुड़े कई मामले सामने आए हैं. सरकार ने इस महामारी से बचने के लिए ढेरों तरीके बताए हैं. इसी सिलसिले में केंद्र सरकार ने शनिवार को निजी प्रयोगशालाओं को प्रत्येक कोविड-19 जांच के लिए अधिकतम मूल्य 4500 रुपये तक रखने की सिफारिश की. Also Read - Covid-19 : भारत में कोरोना के 1 हजार मामले, घर जाने को बेताब प्रवासी मजदूर, यूरोप में लगा लाशों का ढेर

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से कोविड-19 जांच के मद्देनजर निजी प्रयोगशालाओं के लिए जारी दिशानिर्देश के अनुसार, एनएबीएल प्रमाणित सभी निजी प्रयोगशालाओं को यह जांच करने की अनुमति दी जाएगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार रात को यह अधिसूचित किया गया. Also Read - Covid-19: तेलंगाना में कोरोना वायरस से पहली मौत, 6 नए मामले

दिशानिर्देश के मुताबिक, राष्ट्रीय कार्य बल ने सिफारिश की है कि जांच के लिए अधिकतम 4500 रुपये तक ही वसूले जा सकते हैं. संदिग्ध मामले में स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए 1500 रुपये जबकि अतिरिक्त पुष्ट जांच के लिए तीन हजार रुपये लिए जा सकते हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि दिशानिर्देश का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. Also Read - Covid-19: BCCI ने प्रधानमंत्री के आपदा प्रबंधन राहत कोष में दिए 51 करोड़ रूपये