नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निजामुद्दीन में तबलिग ए जमात बैठक के आयोजन के संबंध में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. दिल्ली सरकार ने पुलिस से निजामुद्दीन स्थित मरकज़ के मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है. Also Read - दिल्ली में 22000 के पार पहुंचे कोरोना वायरस के मामले, अब तक 556 की मौत

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने कुछ दिन पहले आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद सोमवार को निजामुद्दीन में एक प्रमुख इलाके की घेराबंदी कर दी. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्राधिकारियों की अनुमति के बिना एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए थे. Also Read - अगस्त-सितंबर में टीम इंडिया का कैंप लगाने के बारे में सोच रही है बीसीसीआई

कोरोना संक्रमित होने की संभावना के बाद यहां मौजूद 163 लोगों को दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लोकनायक अस्पताल की ओर से कहा गया है कि उनके यहां कोरोना संक्रमित 174 मरीज भर्ती हैं, जिसमें से 163 निजामुद्दीन इलाके से ही आए हैं. रविवार को 85 मरीज आए जबकि 34 को सोमवार को भर्ती कराया गया. Also Read - अमेरिका के बायोटेक कंपनी का दावा, कोरोना के मरीजों पर असरदार हो रहा है यह दवा

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘जब हमें पता चला कि इस तरह का आयोजन किया गया था, तो हमने उन्हें कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के तहत निषेधाज्ञा और लगायी गई पाबंदियों का उल्लंघन करने के लिए नोटिस दिया.’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया है और उनकी जांच की जा रही है.’’

इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली सरकार ने धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ 31 मार्च तक 50 से अधिक लोगों के विरोध प्रदर्शनों के लिए एकत्र होने पर भी रोक लगा दी थी. साथ ही कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए बुधवार से 21 दिन के लिए लोगों के आवागमन पर देशव्यापी रोक लगायी गई थी. पुलिस किसी भी उल्लंघन की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग कर रही है.

निजामुद्दीन में मरकज़ के इज्तिमा में दो हजार लोगों ने शिरकत की
दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन पश्चिम इलाके में एक से 15 मार्च के बीच तबलीग-ए- जमात के इज्तिमे (मजहबी मकसद से एक खास जगह जमा होना) में दो हजार से ज्यादा लोगों ने शिरकत की थी. इनमें इंडोनेशिया और मलेशिया के लोग भी शामिल थे. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कुछ लोगों के कोरोना वायरस से संपर्क में आने की आशंका के बाद इलाके को सील कर दिया गया है.

उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों में बीमारी के लक्षण दिखने की रिपोर्टों के बाद दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के अफसरों और मेडिकल टीमें रविवार रात इलाके में गई थी. कम से कम 100 लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं. इनकी रिपोर्ट मंगलवार तक आने की उम्मीद है. मुस्लिम संगठन तबलीग-ए-जमात के मुख्यालय और घरों समेत पूरे इलाके को काट दिया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस – सीआरपीएफ की मेडिकल टीमें लोगों की जांच कर रही हैं और उन्हें पृथक रखने के लिए निर्धारित अस्पतालों में भेज रही हैं. पिछले हफ्ते श्रीनगर में करीब 60 वर्षीय व्यक्तित की संक्रमण से मौत होने के बाद फिक्र होना शुरू हुई. इस शख्स ने इज्तिमे में शिरकत की थी. अधिकारियों के मुताबिक, संगठन के मुख्यालय में बड़ी सभा के बाद छोटी-छोटी मंडलियों में भी लोग बैठते हैं.

संगठन का मुख्यालय निजामुद्दीन थाने के बराबर में है और ख्वाजा मुईनुद्दीन औलिया की दरगाह के पास है. इस इज्तिमे में सऊदी अरब, इंडोनेशिया, दुबई, उज्बेकिस्तान और मलेशिया सहित कई देशों के प्रचारकों ने हिस्सा लिया. भारत के अलग अलग हिस्सों से आए करीब 600 लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया.

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नागरिक तो ट्रेनों और उड़ानों के जरिए वापस चले गए. देश के कई हिस्सों में सामने आए कुछ मामलों के संपर्क खंगाले गए तो उनका संबंध इस इज्तिमे से निकाला. लोगों को पृथक केंद्र में भेजने के लिए बसों को तैयार रखा गया है. इज्तिमे में शिरकत करने वालों के लिए रहने की व्यवस्था जिन हॉस्टलों की जाती थी, उन्हें भी सील कर दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 24 मार्च को देशव्यापी बंद का ऐलान किया था.

दिल्ली पुलिस इलाके में नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है.

(इनपुट भाषा)