नयी दिल्ली: ऐसे में जब भारत कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है, दिल्ली उच्च न्यायालय ने वकीलों और वादियों से कहा है कि वे अदालत परिसरों में ‘‘अनावश्यक भीड़ न लगायें. उच्च न्यायालय रजिस्ट्रार (आम प्रशासन) रमेश चंद की ओर से हाल में जारी एक परिपत्र में कहा गया कि दिल्ली सरकार के परामर्श के अनुसार लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए. उन्होंने वकीलों और आम लोगों से दिशानिर्देश का पालन करने का अनुरोध किया. Also Read - बिहार में अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए आपदा राहत केन्द्र स्थापित

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परिपत्र में कहा गया कि दिल्ली सरकार की ओर से हाल में जारी परामर्श के अनुसार कोरोना वायरस एक संक्रामक वायरस है जिससे श्वसन संक्रमण होता है. यह संक्रमण एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में खांसने, छींकने और निजी सम्पर्क से फैलता है. निजी सम्पर्क में हाथ मिलाना, ऐसी चीज को छूना, जिस पर वायरस हो और उसके बाद बिना हाथ धोए अपना मुंह, नाक या आंखों को छूना शामिल है. इसमें कहा गया है कि परामर्श के अनुसार किसी भी व्यक्ति को भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचना चाहिए. इसलिए वकीलों, आम लोगों और वादियों से अनुरोध किया जाता है कि वे दिल्ली सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देश या परामर्श का पालन करें और अदालत परिसर में अनावश्यक भीड़ करने से बचें. Also Read - कोरोना वायरसः पाकिस्तान में संक्रमित व्यक्तियों की तादाद हुई 1571

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भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 43 हुई
भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या सोमवार को बढ़कर 43 हो गई. चार व्यक्तियों की कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट सकारात्मक आयी जिसमें केरल का तीन वर्षीय बच्चा भी शामिल हैं, जो इटली से लौटा था. स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और जम्मू में एक..एक मामले सामने आये हैं और देश में कहीं से भी इससे किसी की मौत होने की जानकारी सामने नहीं आयी है.