Corona Virus in Delhi: अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सरकार ने दिल्ली में होटल, जिम और साप्ताहिक बाजार खोलने की अनुमति देने के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल को दोबारा अपने प्रस्तावों की फाइल भेजी है. इससे पहले उपराज्यपाल ने वीकली बाजार और होटल खोलने संबंधी दिल्ली सरकार के निर्णय को निरस्त कर दिया था. दिल्ली सरकार के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने भेजे गए प्रस्तावों में कहा है “दिल्ली में अब लगातार कोरोना के मामले कम हो रहे हैं और हालात लगातार सुधर रहे हैं. Also Read - Cinema Halls Re-open: देश में सिनेमाघर खुलेंगे, स्विमिंग पूल, इंटरटेनमेंट पार्क भी खोलने की इजाज़त, ये है गाइडलाइन

केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार दिल्ली सरकार को फैसले लेने का हक है. देश में कई राज्यों में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन वहां होटल, जिम और साप्ताहिक बाजार खुल रहे हैं, तो दिल्ली के लोगों को क्यों उनकी आजीविका कमाने से रोका जा रहा है. कोरोना की स्थिति में सुधार और दिल्लीवासियों की भावनाओं को देखते हुए होटल, जिम व साप्ताहिक बाजार खोल देना चाहिए. सरकार ने एलजी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है.” Also Read - कोरोना के कारण फैसला: केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में पानी के बिल पर दी 100 फीसदी तक की छूट, जानें किसे होगा फायदा

उपराज्यपाल को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि उपराज्यपाल दिल्ली में कोरोना से हालात सुधरने के प्रति भलीभांति वाकिफ हैं और अब आर्थिक गतिविधियां खोलने की आवश्यकता है. लॉकडाउन के चलते दिल्ली के लोग पिछले चार महीने से परेशान हैं. यह प्रतिबंध हटने से वे अपनी जॉब और कारोबार फिर से शुरू कर सकते हैं. Also Read - दिल्ली में कोरोना का कहर जारी: 24 घंटे में 48 लोगों की मौत, 3 हज़ार से अधिक केस मिले

दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल को भेजे गए प्रस्ताव में लिखा है कि पूरे देश में होटल और साप्ताहिक बाजार खुल गए हैं. कोविड-19 मामलों में अचानक वृद्धि का सामना कर रहे यूपी, कर्नाटक आदि राज्यों ने भी होटल और साप्ताहिक बाजार खुले रखे हैं. दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में होटल और साप्ताहिक बाजार खुले हैं. केंद्र सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें बाजार और होटल खोलने की अनुमति दी गई है.

दूसरी ओर, केंद्र सरकार उन्हें दिल्ली में खोलने की अनुमति नहीं दे रही है. केंद्र सरकार का ऐसा विरोधाभासी आचरण समझ से परे है. जबकि केंद्र सरकार ने उन सभी राज्यों में होटल और साप्ताहिक बाजार खोलने की अनुमति दी है, जहां कोविड की स्थिति दिल्ली की तुलना में बहुत खराब है. यह अजीब बात है कि इसे दिल्ली में खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है. दिल्ली सरकार के मुताबिक होटल दिल्ली के सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार में 8 प्रतिशत का योगदान करते हैं. साप्ताहिक बाजार 5 लाख गरीब परिवारों को रोजगार प्रदान करते हैं.

राजस्व मंत्री ने कहा कि दिल्लीवासी कोरोना के प्रसार के जोखिम के प्रति सचेत हैं. लेकिन जब केंद्र सरकार उन राज्यों में कुछ क्षेत्रों को खोलने की अनुमति दे रही है, जो कोरोना का केंद्र बन गए हैं और उसी समय केंद्र दिल्ली को इन क्षेत्रों को खोलने से रोक रहा है, जब दिल्ली अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के माध्यम से कोरोना को नियंत्रित करने में सक्षम हो गई है. अब दिल्ली के निवासी पूछ रहे हैं कि हमें परेशान क्यों किया जा रहा है? हमारी आजीविका पर हमला क्यों हो रहा है? कैलाश गहलोत ने कहा, “एमएचए ने अपने नए दिशानिर्देशों में योग केंद्र और जिम खोलने की भी अनुमति दी है. इन गतिविधियों को दिल्ली में अनुमति दी जानी चाहिए. हालांकि, भारत सरकार द्वारा जारी किए गए एसओपी का पालन किया जाना चाहिए.”