नई दिल्ली: देश भर में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या बुधवार को करीब 2.8 लाख हो गई, जिसमें से एक-तिहाई मामले जून के माह के महज दस दिनों में सामने आए हैं. हालांकि एक सकारात्मक बात भी सामने आयी कि पहली बार इस संक्रमण से उबर चुके लोगों की संख्या उपचाररत लोगों से अधिक हो गई है. देश भर में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल लोगों की संख्या में एक जून के बाद करीब 90 हजार नये मामले जुड़े हैं, जबकि मरने वालों की कुल संख्या में एक- तिहाई की बढ़ोतरी भी इन दस दिनों में हुई. Also Read - बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या 12 हज़ार से पार, अब तक 98 मौतें, इन जिलों का बुरा है हाल

भारत में कोविड-19 का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था लेकिन इसके बाद सौ दिनों से अधिक समय में 18 मई को संक्रमित लोगों के मामलों की संख्या एक लाख तक पहुंची. बहरहाल, अगला एक लाख मामले महज एक पखवाड़े में सामने आये और वर्तमान दर से इसी हफ्ते यह संख्या तीन लाख तक पहुंच सकती है. पिछले एक हफ्ते से अधिक समय से प्रतिदिन नौ हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. वर्तमान में अमेरिका, ब्राजील, रूस और ब्रिटेन के बाद भारत कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित पांचवां देश है. लेकिन मामलों की संख्या के लिहाज से भारत का ब्रिटेन के साथ यह अंतर तेजी से कम होता जा रहा है जहां संक्रमण के मामले करीब 1.9 लाख हैं. Also Read - कोरोना: मुंबई में दो महीने बाद थोड़ी राहत, एक दिन में सबसे कम 806 नए मामले सामने आए

जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय के आंकड़े के मुताबिक, संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या के मामले में भारत का स्थान 12वां है जबकि मरीजों के ठीक होने के मामले यह नौवें स्थान पर है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सुबह आठ बजे जारी आंकड़े के मुताबिक देश में उपचाररत मामलों की संख्या एक लाख 33 हजार 632 है जबकि अभी तक ठीक हुए लोगों की संख्या एक लाख 35 हजार 205 है. Also Read - ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो को भी हुआ कोरोना, टेस्ट रिपोर्ट आई पॉजिटिव

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार की सुबह आठ बजे के बाद पिछले 24 घंटे में करीब दस हजार नये मामले सामने आए हैं, जिससे देश में कुल संक्रमित लोगों की संख्या दो लाख 76 हजार 853 हो गई है. वहीं मरने वालों की संख्या में 279 का इजाफा होने के साथ ही कुल मृतकों की संख्या 7745 हो गई है. यह दिखाता है कि अभी तक संक्रमित लोगों में ठीक होने की दर करीब 49 फीसदी है. देश भर में करीब 50 लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है.

बहरहाल, रात नौ बजकर 25 मिनट तक कुल संक्रमित लोगों की संख्या दो लाख 77 हजार 286 हो गई है जबकि मरने वालों की संख्या 8099 हो गई है. इसमें ठीक होने वाले लोगों की संख्या 1.4 लाख है. पीटीआई ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से जारी आंकड़ों के आधार पर यह तालिका तैयार की है. जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय की तरफ से रात नौ बजकर 40 मिनट पर जारी आंकड़े के मुताबिक भारत में संक्रमित लोगों की संख्या 2.8 लाख से अधिक है.

भारत में एक जून की सुबह तक संक्रमित लोगों की संख्या करीब एक लाख 90 हजार थी जबकि मरने वालों की संख्या 5400 से कम थी. उस वक्त तक 93 हजार से अधिक सक्रिय मामले थे, जबकि 92 हजार से कम लोग इस संक्रमण से उबर चुके थे. दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में फेफड़ा, गंभीर रोग और स्लीप मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज गुप्ता ने कहा कि आंकड़े दिखाते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग बीमारी से ठीक हो रहे हैं जो वैश्विक रूख के मुताबिक है. वैश्विक रूख के मुताबिक 80 फीसदी मरीजों में हल्की बीमारी की संभावना है और वे सौ फीसदी ठीक हो रहे हैं. गुप्ता ने कहा, ‘‘इससे भारत के लोगों में उम्मीद बंधनी चाहिए, जिन्हें इस बीमारी को लेकर मृत्यु का भय है. लेकिन इससे उन्हें संतुष्ट नहीं होना चाहिए और लोगों को सामाजिक दूरी तथा सेनिटाइजेशन के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए.’’

वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के 80 फीसदी मामलों में हल्की बीमारी है जबकि 20 फीसदी लोगों की स्थिति गंभीर हो सकती है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जरूरत होगी. पूरी दुनिया में 72 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 34 लाख लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं. पूरी दुनिया में चार लाख से अधिक लोगों की जान इस महामारी के कारण गई है. भारत में अकेले महाराष्ट्र में चीन से अधिक मामले हैं. चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 83 हजार जबकि मौतों की संख्या 4634 है. चीन में अब 60 से भी कम लोगों का कोविड-19 के लिए उपचार चल रहा है, जबकि शेष लोगों को ठीक होने के बाद अस्तपाल से छुट्टी दी जा चुकी है.

महाराष्ट्र में बुधवार को 3254 नये मामले सामने आने के साथ संक्रमित लोगों की संख्या 94,041 हो गई है जबकि 149 लोगों की मौत के साथ कुल मृतकों की संख्या 3438 हो गई है. बहरहाल, राज्य में कोविड-19 से अभी तक 44,500 लोग ठीक हो चुके हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि व्यवसाय एवं अन्य गतिविधियों की बहाली के लिए लॉकडाउन में प्रतिबंधों को आंशिक रूप से ढील दी गई है, लेकिन कोविड-19 का खतरा अब भी बना हुआ है. उन्होंने लोगों से अपील की कि भीड़भाड़ से बचें और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन करें. उन्होंने कहा कि अगर दिशानिर्देशों के नियमों का पालन नहीं किया गया तो लॉकडाउन 30 जून के बाद भी बढ़ाया जा सकता है.

तमिलनाडु में रिकार्ड 1927 नये मरीज सामने आने के साथ ही राज्य में कोविड-19 के मामले 36,841तक पहुंच गये जबकि 19 और मरीजों की जान चले जाने के बाद अबतक 326 लोगों की इस बीमारी से मौत हो चुकी है. राज्य सरकार ने 1200 से अधिक डॉक्टरों समेत 2800 से अधिक चिकित्साकर्मियों की भर्ती करने की घोषण की है और राज्य सरकार के अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या दोगुणा कर 10000 करने का प्रस्ताव रखा है.

बुरी रह प्रभावित अन्य राज्य गुजरात में 510 नये मरीज सामने आने के साथ ही राज्य में इस महामारी के मामले बढ़कर 21,554 हो गये. राज्य में इस बीमारी से अबतक 1,347 लोगों की जान जा चुकी है. दिल्ली में 1500 से अधिक नये मरीज सामने आने के साथ ही इस संक्रमण के मामले यहां बढ़कर 32,000 के पार चले गये. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अन्य राज्यों से मरीजों का इलाज के वास्ते दिल्ली आना शुरू होने के बाद से हमें 31 जुलाई तक डेढ़ लाख बिस्तरों की जरूरत होगी. हालांकि उन्होंने घोषणा की कि कोरोना वायरस पर उनकी सरकार के फैसले को पलट देने के उपराज्यपाल के आदेश को लागू किया जाएगा क्योंकि यह असहमत होने और राजनीति करने का वक्त नहीं है.

केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार के सामने ‘अप्रत्याशित चुनौतियां’ हैं क्योंकि आंकड़ा दर्शाता है कि दिल्ली में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ेंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पिछले आठ दिनों में 1900 मरीजों को अस्पतालों में बेड मिले हैं और अब भी 4200 बेड उपलब्ध हैं. यह दावा ऐसे समय में आया है जब खबरों में राष्ट्रीय राजधानी में अस्पतालों में बेड की बड़ी कमी होने की बात सामने आयी है.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि सामुदायिक संक्रमण आ गया है लेकिन केंद्र ही इस बात की घोषणा कर सकता है कि दिल्ली में कोरोना वायरस के संबंध में सामुदायिक संक्रमण हो रहा है या नहीं. उन्होंने मंगलवार को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में सामने आ रहे आधे नये मरीजों में संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चल रहा है. सामुदायिक संक्रमण एक ऐसा चरण है जहां बड़ी संख्या में सक्रमितों के बारे में यह पता करना मुश्किल हो जाता है कि वे किसके संपर्क में आये थे.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा था कि दिल्ली में वर्तमान दर से कोविड-19 के मामले 31 जुलाई तक साढ़े पांच लाख तक पहुंच सकते हैं. कई वैज्ञानिकों ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की वृद्धि का गणितीय मॉडल दर्शाता है कि जुलाई के आखिर तक दिल्ली में इस महामारी के मामले साढ़े पांच लाख तक पहुंच सकते हैं और शायद सामुदायिक संक्रमण शुरू भी हो चुकीा है.

शिव नादर विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ नेचुरल साइंसेज में गणित के प्रोफेसर और शोधकर्ता सामित भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘ भारत के लिए मैंने जिस मॉडल का इस्तेमाल किया, उसमें पाया गया कि जुलाई के मध्य या आखिर तक भारत में मामले 8-10 लाख तक पहुंच सकते हैं. दिल्ली में यह आंकड़ा यदि साढ़े पांच लाख तक पहुंच जाए तो हमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए. पंजाब के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के विज्ञानएवं प्रौद्योगिकी के कार्यकारी डीन लविराज गुप्ता ने भी इस बात पर सहमति प्रकट की कि गणितीय मॉडल के हिसाब से साढ़े पांच लाख का आंकड़ा संभव है.

इस बीच असम, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख समेत विभिन्न राज्यों एंव केंद्रशासित प्रदेशों में नये मरीज भी आये. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दिल्ली, मुम्बई, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता और बेंगलुरू में कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए उठाये जा रहे जनस्वास्थ्य कदमों की समीक्षा करने में राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद करने के लिए केंद्रीय टीम तैनात की गयी हैं. इन शहरों में बड़ी संख्या में कोविड-19 मामले सामने आये हैं.