Corona Virus In India: केंद्र सरकार की तैयारियों के हिसाब से माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक भारत में 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग जाएगी. इसके लिए सरकार ने वैक्सीन की उपलब्धता का पूरा रोडमैप पेश किया है, जिसके मुताबिक जुलाई तक देश में कुल 51.6 करोड़ डोज कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होंगी. वहीं, अगस्त से दिसंबर तक 216 करोड़ डोज का उत्पादन किया जाएगा. इसके मुताबिक वैक्सीन की उपलब्धता देश में  18 साल से अधिक उम्र के लगभग 95 करोड़ लोगों के दोनों डोज की वैक्सीन से कहीं अधिक होगी. इसमें खास बात यह है कि ये सभी वैक्सीन देश में बनी होंगी. Also Read - Gurugram News: गुरुग्राम में Covaxin, Covishield और Sputnik V टीकें कीमत तय, सबसे महंगा कोवैक्सीन का टीका

वैक्सीन टास्क फोर्स के प्रमुख ने बतायी ये जरूरी बात Also Read - यूपी में कोरोना से मौतों का सिलसिला जारी, 24 घंटे में 55 लोगों की गई जान

नीति आयोग के सदस्य और वैक्सीन पर गठित टास्क फोर्स के प्रमुख डा. वीके पाल ने कहा कि वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले चंद महीनों में इसके परिणाम दिखने लगेंगे. विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए डा. पाल ने कहा, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि 17.5 करोड़ से अधिक डोज देने वाला भारत दुनिया का तीसरा बड़ा देश है और यह उपलब्धि देश में बनी वैक्सीन के आधार पर हासिल की गई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ही केवल ऐसा देश है जिसने अभी तक वैक्सीन की 25 करोड़ डोज लगाई हैं. Also Read - अब कर्नाटक पहुंचा कोरोना का ‘डेल्टा प्लस’ वैरिएंट, पहला केस मिला, देश में बढ़ रही इससे संक्रमितों की संख्या

जुलाई तक भारत में कुल 51.6 करोड़ डोज उपलब्ध होंगी

वीके पॉल ने बताया कि भारत सरकार अभी तक कुल 35.6 करोड़ डोज का आर्डर दे चुकी है, जिनमें 27.6 करोड़ डोज कोविशील्ड और आठ करोड़ डोज कोवैक्सीन की हैं. जुलाई तक इन सारी डोज की आपूर्ति हो जाएगी. इसी तरह राज्यों और निजी क्षेत्र ने भी जुलाई तक के लिए कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 16 करोड़ डोज का आर्डर दिया है. दोनों को मिला दें तो जुलाई तक भारत में कुल 51.6 करोड़ डोज उपलब्ध होंगी, जिससे 25 करोड़ लोगों को दोनों डोज लग सकती हैं. डा. पाल के अनुसार, अगस्त के बाद देश में वैक्सीन की किल्लत पूरी तरह दूर हो जाएगी.

इसके अलावा स्पुतनिक-वी भी भारत में आ चुकी है और अगले हफ्ते से सीमित मात्रा में आयातित डोज बाजार में मिलने लगेंगी. स्पुतनिक-वी भारत में वैक्सीन उत्पादन की तैयारी में है और जुलाई से उसका उत्पादन शुरू भी हो जाएगा. स्पुतनिक-वी की भी अगस्त से दिसंबर के बीच 15.6 करोड़ डोज बनेंगी.

पांच नई कोरोना वैक्सीन ट्रायल के विभिन्न चरणों में है

डा. पाल ने पांच नई वैक्सीन और उनके संभावित उत्पादन के बारे में भी बताया जो ट्रायल के विभिन्न चरणों में हैं. इनमें बायोलाजिकल ई की सब-यूनिट वैक्सीन, जायडस-कैडिला की डीएनए वैक्सीन, सीरम इंस्टीट्यूट की नोवावैक्स, भारत बायोटेक की नोजल वैक्सीन, जिनोवा की एमआरएनए वैक्सीन शामिल हैं। इनमें जायडस-कैडिला की डीएनए वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल पूरा हो चुका है और उसने इसके इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत भी मांगी है.