नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के 35 नए मामले सामने आने के बाद भारत में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 270 से अधिक हो गई है. अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है. आईसीएमआर के अनुसार 21 मार्च सुबह 10 बजे तक 14,811 लोगों के कुल 15,701 नमूनों की कोविड-19 संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच की गई. कोरोना के चलते देश के कई शहरों में लॉकडाउन जैसी स्थिति है. महाराष्ट्र, दिल्ली सहित कई राज्यों के बाज़ार बंद हैं. सड़कें सूनी हैं. लोग घरों में कैद हो गए हैं. नागपुर में पुलिस लोगों को घरों में रहने को कह रही है. वहीं, नोएडा के सेक्टर 74 की सुपरटेक केपटाउन सोसायटी में कोरोना का एक मरीज मिलने के बाद इस पूरी सोसायटी को सील कर दिया गया है. आने जाने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है. इसमें हजारों लोग रहते हैं. Also Read - Covid-19: कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हुई, सरकार ने कहा घबराने की जरूरत नहीं

कोविड-19 संक्रमण के देश में सर्वाधिक मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से 52 लोग संक्रमित हैं जिनमें तीन विदेशी नागरिक हैं. केरल में 40 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें सात विदेशी नागरिक हैं. दिल्ली में कोरोना वायरस के अभी तक 26 मामले सामने आए हैं जिनमें एक विदेशी नागरिक है. उत्तर प्रदेश में 24 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें एक विदेशी नागरिक है. Also Read - COVID-19: गाजियाबाद में कोरोना के 10 नए मामले, जिले में संक्रमित लोगों की संख्या 23 हुई

कर्नाटक में कोरोना वायरस के 15 मरीज हैं लद्दाख में अभी तक 13 और जम्मू-कश्मीर में चार लोग इससे संक्रमित हैं. तेलंगाना में संक्रमण के 19 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें 11 विदेशी हैं. राजस्थान में 17 मामले सामने आए हैं जिनमें दो विदेशी नागरिक हैं. गुजरात में अभी तक सात मामले सामने आ चुके हैं. हरियाणा में 17 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं जिनमें 14 लोग विदेशी नागरिक हैं. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड में तीन-तीन मामले दर्ज किए गए हैं. पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पंजाब में दो-दो तथा पुडुचेरी, छत्तीसगढ़ एवं चंडीगढ़ में एक-एक मामला सामने आया है.

जांच की रणनीति में बदलाव
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की अपनी रणनीति में संशोधन करते हुए कहा कि श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी, सांस लेने में दिक्कत और बुखार तथा खांसी की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की कोविड-19 संक्रमण के लिए जांच की जाएगी. आईसीएमआर के नए दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया कि संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों की संपर्क में आने के पांचवें और 14वें दिन के बीच में जांच की जानी चाहिए, चाहे उनमें बीमारी के लक्षण दिखाई दे या न दे. बायोमेडिकल अनुसंधान की सर्वोच्च संस्था ने इस सप्ताह देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के मद्देनजर अपनी रणनीति में सुधार किया है. नई रणनीति का उद्देश्य संक्रमण को फैलने पर और अधिक प्रभावी तरीके से लगाम लगाना तथा सभी मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराना है.

अभी तक पिछले 14 दिनों में अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले बिना लक्षण वाले लोगों और बाद में लक्षण दिखने, प्रयोगशाला से संक्रमण की पुष्टि वाले मामलों के संपर्क में आने वाले और लक्षण दिखाने वाले लोगों तथा लक्षण दिखाने वाले सभी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं की दिशा निर्देशों के अनुसार संक्रमण के लिए जांच की गई. जांच के लिए परामर्श की समीक्षा की जा रही है और समय-समय पर उसकी जानकारी दी जा रही है. डीएचआर सचिव और आईसीएमआर डीजी द्वारा गठित और नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय कार्य बल ने जांच रणनीति की समीक्षा की है.

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