Corona Virus in India: कोरोना वायरस के हमले से पूरी दुनिया मुश्किल में है. देश में भी कोरोना के कहर को देखते हुए 24 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है. दुनिया के अधिकतर देशों में मरीजों की तादाद बढ़ रही है. लोग लगातार मर रहे हैं. भारत भी इससे अछूता नहीं है, लेकिन यहाँ कुछ चीज़ें ऐसी हैं जो राहत देने वाली हैं. दुनिया के दूसरे हिस्सों में जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़े, उतनी तेजी से हमारे देश में उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहे हैं. लॉकडाउन निश्चित ही कोरोना की रफ़्तार कम करने में सहायक साबित हुआ है. वहीं, एक और राहत की बड़ी बात ये है कि भारत में अगर मरीज बढ़ रहे हैं तो ठीक होने की वालों का प्रतिशत भी लगातार बढ़ रहा है. कोरोना के शिकार करीब 80 प्रतिशत मरीज ठीक हो रहे हैं. ठीक होने वालों की संख्या बढ़ रही है. Also Read - Coronavirus: मिनटों में कोरोना का पता लगाने वाली Feluda पेपर स्ट्रिप जांच को लेकर ICMR ने जारी की एडवायजरी

इस सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंगलवार को ठीक होने वाले लोगों का प्रतिशत 9.9 था. जबकि बुधवार को यह बढ़कर 11.41% हो गया. इसी तरह गुरुवार को आंकड़ा बढ़ा और ये प्रतिशत 12.02 हो गया. शुक्रवार को हालात में और सुधार आया और मरीजों के ठीक होने का आंकड़ा 13.06 प्रतिशत हो गया. आज शनिवार को सुबह 9:00 बजे जारी आंकड़े को देखें तो ठीक से हुए मरीजों की तादाद में और बढ़ोतरी हुई है. आज 13.85 प्रतिशत मरीज ठीक हुए हैं. Also Read - Corona Virus Latest News: कोविड-19 के 54,366 नए मामले, 690 मौतें, एक्टिव मामले सात लाख के नीचे पहुंचे

ये है वजह!
देश में अब तक 14378 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं. 480 लोगों की मौत हुई है. जबकि 1992 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि देश में कोरोना मरीजों में से 80 प्रतिशत लोग ठीक हो रहे हैं. इसके पीछे एक वजह ये भी बताई जा रही है कि भारत के लोगों का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) औरों के मुकाबले बेहतर है. भारतीय लोग रोगों का मुकाबला करने की क्षमता ज्यादा रखते हैं. Also Read - कोविड वैक्सीन के लाभार्थियों की पहचान का काम हुआ शुरू, इन्हें मिलेगी सबसे पहले Coronavirus Vaccine

देश में कोरोना फैलने का अलग ट्रेंड देखने को मिल रहा है. देश में कोरोना का शिकार होने वाले अधिकतर वह लोग हैं जो मिडिल एज के हैं. जबकि मौतों के शिकार वह लोग ज्यादा हैं जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हैं. मिडिल एज के लोग ज्यादा संख्या में ठीक भी हो रहे हैं. हालाँकि कई मामले ऐसे आए हैं जिनमें 60 से 90 साल तक के मरीज ठीक हुए हैं.