Corona Virus In India: कोरोना वायरस  से जूझ रहे देश की हालत देखकर पीएम मोदी भी चिंतित हैं और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. गुरुवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की और कोरोना से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की. इस बैठक में पीएम मोदी ने इशारा किया है कि दूसरी लहर के बाद कोरोना की तीसरी लहर से पहले कुछ कड़े फैसले लिए जा सकते हैं. पूरे देश में एक बार फिर से लॉकडाउन लगाने की बात कही जा रही है. Also Read - Central Cabinet Expansion: केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी! कांग्रेस छोड़कर आए सिंधिया को मिल सकता है मंत्री पद

पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों को कोरोना को लेकर लापरवाही नहीं बरतने और सही फीडबैक देने को कहा है ताकि चीजें तुरंत ठीक की जा सके. सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने पिछली कुछ मीटिंग में अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई कि कुछ मसलों पर ईमानदार फीडबैक नहीं दिया गया था. Also Read - CoronaVirus In india: राहत भरी खबर, कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों पर नहीं पड़ेगा ज्यादा असर, जानिए वजह...

इसके साथ ही कहा जा रहा है कि कोविड के दूसरी लहर के कमजोर होने के बाद पीएम मोदी कुछ कड़े फैसले भी ले सकते हैं.  तीसरे लहर की आशंका को देखते हुए पीएमओ ने आगे की तैयारी के लिए अभी से हर हफ्ते समीक्षा मीटिंग करने को कहा है. बता दें कि बुधवार को पीएमओ में वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा था कि तीसरा लहर आना तय ही लग रहा है. इसके साथ ही गुरुवार को  सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से तीसरी लहर से नियंत्रण के लिए वक्त रहते कदम उठाने को कहा है. Also Read - Central Cabinet: मॉनसून सत्र से पहले होगा केंद्रीय कैबिनेट का विस्तार! पीएम मोदी की टीम में कौन होंगे शामिल? लग रहे कयास

पीएम ने राज्यों से कहा है कि अभी की परिस्थिति में लाखों मरीजों के इलाज पर जहां पूरी तरह फोकस रखना है वहीं यह भी सुनिश्चित करना है कि टीकाकरण की रफ्तार भी किसी सूरत में कम नहीं हो. उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज और टीकाकरण, इन दोनों मोर्चे पर चुस्ती से आगे की राह आसान होगी. उन्होंने कहा कि तमाम राज्यों में लॉकडाउन के बावजूद टीकाकरण में किसी तरह की सुस्ती नहीं हो टीकाकरण में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों को दूसरे कामों में नहीं लगाना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को ऐसे जिलों की पहचान करने के लिए एक एडवाइजरी भेजी गई थी, जहां संक्रमण के मामलों की संख्या 10 प्रतिशत या अधिक हैं और ऑक्सिजन युक्त या आईसीयू बेड 60 प्रतिशत से अधिक भरे हुए हैं, पीएम मोदी ने दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए रेमडेसिविर के उत्पादन की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की और कहा कि राज्यों को संवेदनशील बनाने की जरूरत है, जिससे टीकाकरण की गति धीमी न हो.