बेंगलुरु: कर्नाटक में कोविड-19 के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीरामुलु ने कहा है कि राज्य को केवल भगवान ही बचा सकते हैं. उन्होंने कहा कि महामारी को फैलने से रोकने के लिए जनता का सहयोग आवश्यक है. राज्य सरकार के कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में विफल रहने के कांग्रेस के आरोपों के बाद चित्रदुर्ग में मंत्री ने यह बयान दिया. Also Read - सुशांत सिंह राजपूत मामले पर भाजपा की मांग, संजय राउत और आदित्य ठाकरे का नारको टेस्ट करे CBI

मंत्री ने बाद में कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया. इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार और श्रीरामुलु के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गये, जिसमें शिवकुमार ने दावा किया कि बी एस येदियुरप्पा नीत भाजपा सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने विपक्ष से राजनीति नहीं करने को कहा. Also Read - नोएडा के लिए सुकून भरी खबर, पिछले 8 दिन में कोरोना से नहीं हुई कोई मौत

श्रीरामुलु ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, “बताइये यह (महामारी को नियंत्रित करने का) किसका काम है. केवल भगवान ही हमें बचा सकते हैं. लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना ही एकमात्र उपाय है. ऐसी स्थिति में, कांग्रेस के नेता राजनीति के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुके हैं. यह किसी के लिए ठीक नहीं है.” Also Read - राजस्थान में 52 हज़ार पार हुई संक्रमितों की संख्या, बुरा है इन इलाकों का हाल

श्रीरामुलु, विपक्ष खासतौर पर डी के शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के आरोपों का जवाब दे रहे थे जिनमें कहा गया था कि श्रीरामुलु और चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ के सुधाकर के बीच तालमेल न होने से राज्य सरकार कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में विफल रही है. कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महामारी देश में तेजी से फैल रही है और अगले दो महीने अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि महामारी सत्ताधारी दल और विपक्षी दल के सदस्यों में भेदभाव नहीं करती.

श्रीरामुलु ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि सरकार लापरवाह है और मंत्रियों का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार या उनके बीच मतभेदों के कारण संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि उन्होंने बुधवार को दिए अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए बाद में कहा कि उनका मंतव्य यह था कि जब तक कोविड-19 का टीका नहीं बन जाता तब तक भगवान ही हमारी रक्षा कर सकते हैं और जनता का सहयोग महत्वपूर्ण है.

उन्होंने बुधवार देर रात को एक वीडियो संदेश में कहा, “मैंने कहा था कि लोगों के सहयोग के अलावा भगवान को भी हमारी रक्षा करनी चाहिए लेकिन मीडिया के एक वर्ग ने इसका यह अर्थ निकाला कि श्रीरामुलु कोरोना वायरस फैलने को लेकर असहाय हो चुके हैं.” उन्होंने कहा, “यह कहने के पीछे मेरा मंतव्य था कि जब तक टीका नहीं आ जाता, भगवान ही हमें बचा सकते हैं. इसे गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए.”

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने ट्वीट किया, ‘‘मंत्रियों श्रीरामुलु और डॉ के सुधाकर के बयान लोगों में घबराहट पैदा कर रहे हैं. अगर बी एस येदियुरप्पा सरकार कोविड-19 के हालात को संभाल नहीं सकती और उसने सबकुछ भगवान पर छोड़ दिया है तो उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल को इस्तीफा दे देना चाहिए और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए.’’

इस पर श्रीरामुलु ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया, ‘‘यह मेरे शब्दों के बारे में स्पष्टीकरण है जिनका गलत मतलब निकाला गया और गलत तरह से पेश किया गया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए सतर्क और चौकन्ना रहना होगा. इससे महामारी पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई जा सकती है. अगर हम इस अहम स्तर पर विफल हो गये तो हालात जटिल हो जाएंगे. अगर हालात बिगड़ गये तो केवल भगवान हमें बचा सकते हैं. इन शब्दों को संदर्भ से परे इस्तेमाल किया गया. जनता के बीच घबराहट पैदा करने की कोई जरूरत नहीं है.’’