मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने लोगों से अपने घरों से बाहर निकलते समय मास्क पहनने को कहा है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर मास्क (Mask) नहीं है तो गमछा या रुमाल भी बांध सकते हैं. ऐसा न करने पर अरेस्ट भी किया जा सकता है. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Corona Virus) के 1,078 मामले सामने आ चुके हैं. राज्य के हालात खराब हैं. सीएम ठाकरे ने अफसोस जताया कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को मुश्किलें हो रही हैं लेकिन कहा कि ‘‘हमारे पास इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है.’’ कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों से सुरक्षित रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा- ‘‘लोग अभी जरूरी सामान खरीदने के लिए बाहर निकलते समय और हालात ठीक होने के बाद के समय में भी घर में बनाए गए मास्क को पहनने की आदत डाल लें.’’ इसके साथ ही ठाकरे ने कहा कि इस समय मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है. हमें एक बड़ी बीमारी से लड़ना है. Also Read - बोनी कपूर और बेटियों समेत सामने आई स्टाफ मेंबर्स की कोरोना रिपोर्ट

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि रक्षा स्वास्थ्य सेवाओं के पूर्व कर्मियों, सेवाओं से अवकाशप्राप्त नर्सों, वार्ड ब्वाय तथा ऐसे लोग जो चिकित्सा सेवा में प्रशिक्षित हैं लेकिन उनके पास नौकरी नहीं है, उनसे उन्होंने अपील की कि वे कोरोना वायरस के खिलाफ ‘युद्ध’ में राज्य की मदद के लिए आगे आएं. उन्होंने कहा ‘‘महाराष्ट्र को आपकी जरूरत है.’’ जो लोग राज्य के लिए काम करना चाहते हैं उनके लिए उन्होंने एक ई-मेल साझा करते हुए कहा कि उसपर अपना संपर्क नंबर भेज सकते हैं. Also Read - Cyclone Nirsaga: रायगढ़ जिले का जायजा लेने पहुंचे उद्धव ठाकरे, 100 करोड़ रुपये के आपातकालीन राहत पैकेज की घोषणा

ठाकरे ने कहा कि हरेक वार्ड में कफ, जुकाम और बुखार जैसी दिक्कतें झेल रहे लोगों के लिए अलग-अलग-अलग क्लीनिक बनाए जाएंगे तथा ‘कोविड अस्पताल’ भी बनाए जाएंगे ताकि संक्रमण ना फैले. उन्होंने कहा कि हल्के लक्षण वाले मरीजों का उपचार गंभीर लक्षण वाले मरीजों से अलग होगा. उन्होंने कहा कि वेंटिलेटर, मास्क और पीपीई किट की कमी दुनियाभर में है. यहां तक कि अमेरिका भी हमसे दवा मांग रहा है. Also Read - लॉकडाउन के चलते इस एक्ट्रेस ने खो दी अपनी ये खास चीज़, सोशल मीडिया पर जताया दुख

वर्तमान समय में मानवता को एकमात्र धर्म बताते हुए ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार पांच लाख से ज्यादा प्रवासी कामगारों को भोजन और आश्रय मुहैया करा रही है. उन्होंने कहा कि अनाज मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की योजना, खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों को केवल चावल वितरण के लिए है. राज्य सरकार की आलोचना करने वाले भाजपा नेताओं का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कई लोगों को भ्रम है कि केंद्र की योजना सभी अनाज के लिए है . उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चावल की आपूर्ति शुरू की जा चुकी है. ठाकरे ने कहा कि एक लाख रुपये वार्षिक आय वालों को रियायती दर पर अनाज की आपूर्ति के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है.