नई दिल्ली: चीन के लिए उड़ानें संचालित करने वाली दो भारतीय विमानन कंपनियों..इंडिगो और एअर इंडिया…ने बुधवार को उस देश के लिए अपनी अधिकतर उड़ानें निलंबित करने की घोषणा की जो कोरोना वायरस प्रकोप से जूझ रहा है. वहीं भारत ने हुबेई प्रांत से अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए चीन से दो उड़ानें संचालित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया. चीन के हुबेई प्रांत को यह खतरनाक वायरस फैलने के बाद सील कर दिया गया है. केंद्र सरकार की ओर से एक ताजा यात्रा परामर्श जारी किया गया है जिसमें लोगों से चीन की यात्रा करने से परहेज करने को कहा गया है. केंद्र सरकार ने साथ ही हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सीमाओं पर जांच बढ़ा दी है. कोरोना वायरस कम से कम 17 देशों में फैला है. Also Read - Corona Virus Cases In India: बीते 24 घंटे में कोरोना से 163 लोगों की मौत, 14 हजार से अधिक मामले आए

अधिकारियों के अनुसार भारत में कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है. हालांकि कई राज्यों में सैकड़ों लोगों को निगरानी में रखा गया है. केरल में ऐसे 806 लोगों को निगरानी में रखा गया है. एशिया, उत्तर अमेरिका और यूरोप में कई एयरलाइन कंपनियों ने भी क्षेत्र के लिए अपनी उड़ानों का संचालन सीमित कर दिया है. भारतीय विमानन कंपनियों ने भी यही कदम उठाया है. इंडिगो एयरलाइन्स ने कहा कि चीन में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद बेंगलुरू-हांगकांग मार्ग पर एक फरवरी से तथा दिल्ली-चेंगदू मार्ग पर एक फरवरी से 20 फरवरी तक उड़ानें निलंबित कर दी गयी हैं. इसी तरह से एअर इंडिया दिल्ली-शंघाई मार्ग पर अपनी उड़ानें 31 जनवरी से 14 फरवरी तक के लिए निलंबित कर रहा है और इसी अवधि के दौरान दिल्ली..हांगकांग मार्ग पर अपनी उड़ानों की आवाजाही कम करके सप्ताह में तीन कर रहा है. बहरहाल, इंडिगो ने स्पष्ट किया कि फिलहाल वह कोलकाता-ग्वांगझोऊ की उड़ान संचालित करती रहेगी जिस पर प्रतिदिन नजर रखी जा रही है. भारत को दक्षिण एशियाई देशों से जोड़ने वाली उड़ानों पर काम करने वाले दोनों एयरलाइन कंपनियों के चालक दल के सदस्यों से कहा गया है कि वे जमीन पर उतरकर एन95 मास्क पहनें और सार्वजनिक स्थान पर नहीं जाने जैसे एहतियात बरतें. ब्रिटिश एयरवेज, इंडोनेशिया के लायन एयर ग्रुप, कैथे पैसेफिक, यूनाइटेड एयरलाइंस और एयर कनाडा उन एयरलाइन कंपनियों में शामिल हैं जिन्होंने चीन के लिए अपनी उड़ानें या तो निलंबित कर दी हैं या सीमित कर दी हैं. इनमें से कई कंपनियों ने कोरोना वायरस फैलने के चलते मांग में कमी का उल्लेख किया है. यह विषाणु चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में उभरा था और कम से कम 17 देशों में फैल गया है. संयुक्त अरब अमीरात ने वुहान से एक परिवार में कोरोना वायरस का पहला मामला प्रकाश में आने की बुधवार को घोषणा की. Also Read - देश में अब तक 10 लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को लगाई गई कोरोना वैक्सीन: केंद्र सरकार ने बताए आंकड़े

चीन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 132 हो गई
चीन में इस विषाणु से मरने वालों की संख्या बढ़कर 132 हो गई है जबकि इससे संक्रमित करीब 6000 मामले हैं. विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत ने चीन से अनुरोध किया है कि वह हुबेई प्रांत से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए दो उड़ानें संचालित करने की अनुमति दे. कोरोना वायरस हुबेई प्रांत से ही फैला है. बीजिंग में भारतीय दूतावास ने बुधवार को हुबेई प्रांत में भारतीयों के लिए पंजीकरण फार्म और सहमति नोट प्रसारित किये जिन्हें उनके द्वारा भरा जाना है. भारतीय दूतावास ने हुबेई में उन सभी भारतीय नागरिकों से दिये गए हॉटलाइन या ईमेल पर सम्पर्क करने की अपील की जिन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है. एअर इंडिया ने हुबेई से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए 432 सीट वाले जंबो विमान को मुम्बई में तैयार रखा है. केरल में कुल 806 लोगों को निगरानी में रखा गया है जिसमें से अस्पतालों में 10 को अलग वार्ड में रखा गया है जबकि बाकी को घरों में अन्य लोगों से दूर रखा गया है. 27 लोग निगरानी में हैं जिसमें से 10 मुम्बई, पुणे और नांदेड के अस्पतालों में हैं. मध्यप्रदेश के उज्जैन के एक अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस के दो संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव पायी गयी है. उज्जैन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) महावीर खंडेलवाल ने बुधवार को बताया कि उज्जैन के 21 वर्षीय युवक एवं उसकी 50 वर्षीय मां की रिपोर्ट निगेटिव आई है. अधिकारियों ने बताया कि जयपुर में कोरोना वायरस के लक्षण वाला व्यक्ति की जांच भी निगेटिव पायी गई. राजस्थान में निगरानी में रखे गए 18 अन्य व्यक्तियों का स्वास्थ्य भी अच्छा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से कोरोना वायरस से संबंधित सवालों के लिए 24 घंटे और सातों दिन कार्यरत हेल्पलाइन नम्बर 011-23978046 का इस्तेमाल करने की अपील की. उसने कहा कि चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और कई देशों में यात्रा संबंधी मामले सामने आने के मद्देनजर…चीन के लिए गैर जरूरी यात्रा से बचा जाना चाहिए. तैयारियों के तहत भारत ने ऐसे हवाई अड्डों की संख्या सात से बढ़ाकर 21 कर दी है जहां यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जांच जा सके. Also Read - कोरोना वैक्सीन लगने के बाद हेल्थ वर्कर की मौत, विशेषज्ञों ने कहा...

नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित
ऐसे हवाई अड्डों में गया, गुवाहाटी, विशाखापत्तनम, वाराणसी, गोवा, भुवनेश्वर और लखनऊ शामिल हैं. इसके अलावा सात अन्य हवाई अड्डों पर यह सुविधा पहले से उपलब्ध है. नमूनों की जांच के लिए एनआईवी पुणे के अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय ने चार और प्रयोगशालाएं स्थापित की हैं. ये प्रयोगशालाएं अलेप्पी, बेंगलुरू, हैदराबाद और मुम्बई में शुरू की गई हैं. एक आधिकारिक बयान के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमण के खतरे के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों में किये गये ऐहतियाती उपायों की बुधवार को समीक्षा की और चीन तथा नेपाल की सीमा से लगे राज्यों में विशेष निगरानी बरतने को कहा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में विशेष सचिव संजीव कुमार ने वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिये राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों और थर्मल जांच वाले 21 हवाईअड्डों के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर कोरोना वायरस से बचाव और संक्रमण को रोकने की तैयारियों का जायजा लिया. बैठक में स्वास्थ्य सेवा, महानिदेशक डा. राजीव गर्ग और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

चीन में कोरोना वायरस से हजारों लोग संक्रमित
गौरतलब है कि चीन में कोरोना वायरस से 130 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं और हजारों लोग इससे संक्रमित हुए हैं. हालांकि, भारत में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है. चीन से भारत आने वाले 33 हजार से अधिक यात्रियों की विभिन्न हवाईअड्डों पर जांच की जा चुकी है. कुमार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को बताया कि मंत्रालय द्वारा राज्यों के लिये विभिन्न परामर्श और दिशानिर्देश पहले ही जारी किये जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस दिशा में की जा रही तैयारियों की उच्चस्तरीय सतत निगरानी की जा रही है. बैठक में प्रत्येक राज्य के हवाईअड्डों पर चिकित्सा संबंधी सभी जरूरी ऐहतियाती उपायों के अलावा 21 हवाईअड्डों पर यात्रियों की थर्मल जांच की समीक्षा की गयी. स्वास्थ्य सचिवों ने बताया कि उन्होंने अपने-अपने राज्य के अस्पतालों में कोरोना वायरस से संक्रमण के संदिग्ध मरीजों को अलग रखने के लिये आइसोलेशन इकाई बनाने और अन्य चिकित्सा सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किये जाने की जानकारी दी. साथ ही, संदिग्ध मरीजों के नमूने को जांच के लिये पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) भेजने के त्वरित इंतजाम सुनिश्चित करने के लिये भी राज्यों को कहा गया है.

सीमावर्ती इलाकों में चौकियों पर विशेष निगरानी इंतजाम
नेपाल के सीमावर्ती राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के स्वास्थ्य सचिवों ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में चौकियों पर विशेष निगरानी इंतजाम किये गये हैं. साथ ही इन इलाकों में कोरोना वायरस के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिये शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है. चीन में कोरोना वायरस से गंभीर रूप से प्रभावित शहरों से आने वाले यात्रियों की संख्या पर आधारित एक अध्ययन के अनुसार भारत ऐसे ‘‘उच्च जोखिम’’ वाले देशों की सूची में 23वें स्थान पर है जहां यह बीमारी फैल सकती है. कोरोना वायरस को लेकर आयुष मंत्रालय ने बुधवार को एक स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है और सिफारिश की कि होम्योपैथिक और यूनानी दवाएं कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम में प्रभावी हो सकती हैं.