नई दिल्ली: देश में रविवार को कोविड-19 के मामले बढ़कर 1024 हो गए और मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हो गई. यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी. मंत्रालय की तरफ से शाम साढ़े सात बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक गुजरात और जम्मू-कश्मीर में दो लोगों की मौत हो गई. Also Read - Haryana Lockdown Effect: स्वास्थ्य मंत्री का दावा- लॉकडाउन की वजह से घट रहे मामले

कोरोना वायरस के कारण अभी तक महाराष्ट्र में छह, गुजरात में पांच, कर्नाटक में तीन, मध्यप्रदेश में दो, दिल्ली में दो, जम्मू-कश्मीर में दो, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है. मंत्रालय ने बताया कि देश में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या 901 है जबकि 95 लोग या तो ठीक हो गए या उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई और एक व्यक्ति देश के बाहर चला गया. Also Read - Oxygen Concentrator: क्या होता है ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, ऑक्सिजन कंसन्ट्रेटर के फायदे और यह कैसे काम करता है

इस दौरान भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर ने बताया कि देश में रविवार तक कुल 34,931 लोगों का कोरोना वायरस से संक्रमण का परीक्षण किया गया. उन्होंने बताया कि आईसीएमआर की प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाकर 113 कर दी गयी है. इनके अलावा निजी क्षेत्र की 47 प्रयोगशालाओं से भी कोरोना के संक्रमण का परीक्षण कराया जा सकता है. Also Read - Covid 19 Diet: कोरोना के दौरान खानपान को लेकर क्या है भ्रम? Dr. Viswesvaran से जानिए सच्चाई

संवाददाता सम्मेलन में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि कामगारों के पारिश्रमिक का भुगतान समय पर हो, इसके लिये सरकार की ओर से नियोक्ताओं को निर्देश दिये गये हैं कि लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने के बावजूद कामगारों को समय पर पूरा वेतन दिया जाये. इसके अलावा मकान मालिकों से भी किरायेदारों से इस अवधि का किराया नहीं लेने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि श्रमिकों से मकान मालिक घर खाली करने को न कहें.

उन्होंने भारी तादाद में प्रवासी मजदूरों की घर वापसी की घटनाओं के हवाले से कहा कि वेतन भुगतान और कामगारों से घर खाली नहीं कराने के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को सौंपी गयी है. इसके लिये ये अधिकारी निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे. श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य सरकारों को भी राज्य की सीमायें सील करने के निर्देश दिये गये हैं.

इस दौरान 21 दिन के लॉकडाउन के समय लोगों में मानसिक स्वास्थ्य और बर्ताव संबंधी मसलों के समाधान के लिये मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संस्थान ‘निमहेंस’ ने हेल्पलाइन भी शुरु की है. हेल्पलाइन की सेवायें लेने के लिये टोलफ्री नंबर 08046110007 पर कॉल करके समस्याओं का समाधान प्राप्त किया जा सकता है.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये 21 दिन तक देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी.

(इनपुट भाषा)