नई दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्रालय ने दूसरे देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय विमानों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. विमान में सवार होने से पहले सभी यात्रियों को एक शपथ पत्र देना होगा कि वे 14 दिन के लिए अनिवार्य रूप से पृथक रहेंगे. ये दिशा निर्देश तब आए हैं जब एक दिन पहले नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अगस्त से पहले अच्छी खासी संख्या में अंतरराष्ट्रीय यात्री विमानों का संचालन बहाल करने की कोशिश करेगा. भारत में 25 मार्च के बाद से सभी वाणिज्यिक यात्री उड़ानों को निलंबित कर दिया गया था. Also Read - Lockdown in Goa: क्या फिर से बंद होंगे गोवा के बीच और लगेगा लॉकडाउन?, जानें सीएम सावंत ने क्या कहा

घरेलू विमान सोमवार से उड़ान भरेंगे जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अब भी पाबंदी लगी हुई है. दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि विमान में सवार होने से पहले सभी यात्रियों को एक शपथपत्र देना होगा कि वे 14 दिन के लिए अनिवार्य रूप से पृथक रहेंगे जिनमें से सात दिन के लिए किसी पृथक केंद्र में रहने के लिए उन्हें भुगतान करना होगा और उसके बाद अगले सात दिन तक घर पर पृथक-वास करना होगा. Also Read - Unknown Pneumonia Virus: कोरोना से नहीं इस नई बीमारी से टेंशन में है चीन, कजाकिस्तान में रहने वाले अपने नागरिकों को किया सावधान

इसमें कहा गया है कि केवल असाधारण और ठोस वजह होने जैसे कि मानवीय संकट, गर्भावस्था, परिवार में मौत, गंभीर बीमारी और 10 साल के कम उम्र के बच्चों के माता-पिता को ही 14 दिनों तक घर में पृथक-वास की अनुमति दी जाएगी. दिशा निर्देशों के अनुसार ऐसे मामलों में आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल अनिवार्य होगा. संबंधित एजेंसियां यात्रियों को टिकट के साथ क्या करें और क्या न करें की सूची भी उपलब्ध कराएंगी. इसमें कहा गया है कि सभी यात्रियों को अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी जाएगी. Also Read - बांग्ला फिल्म अभिनेत्री कोयल मलिक समेत पूरा परिवार कोरोना वायरस से संक्रमित

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि विमान या जहाज में सवार होने के समय थर्मल स्क्रीनिंग के बाद केवल बिना लक्षण वाले यात्रियों को सफर करने की अनुमति दी जाएगी. उसने कहा कि जमीनी सीमाओं के जरिए आने वाले यात्रियों को भी इन नियमों का पालन करना होगा और केवल बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही सीमा पार कर भारत में प्रवेश करने दिया जाएगा. दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि विमान या जहाज में यात्रा कर रहे व्यक्ति को स्व-घोषणा पत्र की प्रति देनी होगी और इसकी एक प्रति हवाईअड्डे, बंदरगाह या सीमा चौकी पर मौजूदा स्वास्थ्य तथा आव्रजन अधिकारियों को भी देनी होगी. उन्होंने बताया कि यह फॉर्म आरोग्य सेतु ऐप पर भी उपलब्ध कराया जा सकता है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हवाईअड्डों के साथ-साथ विमानों में साफ-सफाई तथा संक्रमण मुक्त करने का छिड़काव करने से जैसे उचित एहतियाती कदम उठाए जाएंगे. इसमें कहा गया है कि विमान में सवार होते वक्त और हवाईअड्डों पर सामाजिक दूरी बनाए रखने के सभी संभव कदम सुनिश्चित किए जाएंगे. दिशा निर्देशों में कहा गया है कि हवाईअड्डों/बंदरगाहों और विमानों/जहाजों में एहतियाती कदमों समेत कोविड-19 के बारे में उचित घोषणाएं की जाएगी.

इसमें कहा गया है कि विमान या जहाज में चढ़ते वक्त मास्क पहनना, साफ-सफाई बनाए रखना, हाथ धोने जैसे एहतियाती कदमों पर नजर रखी जाएगी. आगमन पर हवाईअड्डे/बंदरगाहों/सीमा चौकियों पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारी सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करेंगे. जांच के दौरान जिस यात्री में भी लक्षण पाए जाएंगे उसे तत्काल पृथक किया जाएगा और चिकित्सा केंद्र ले जाया जाएगा.

दिशा निर्देशों में कहा गया है कि बाकी के यात्रियों को उचित पृथक केंद्रों में ले जाया जाएगा जिसकी व्यवस्था केंद्र शासित प्रदेश/राज्य सरकारें करेंगी. उन्होंने बताया कि इन यात्रियों को कम से कम सात दिनों के लिए पृथक रखा जाएगा. आईसीएमआर के नियमों के मुताबिक इनकी जांच की जाएगी. अगर वे संक्रमित पाए गए तो उनकी चिकित्सीय जांच की जाएगी. दिशा निर्देशों में कहा गया है कि अगर उनमें हल्के लक्षण पाए गए तो उन्हें घर पर पृथक-वास या कोविड देखभाल केंद्र (सरकार और निजी) में पृथक किया जाएगा.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि जिन यात्रियों में मध्यम या गंभीर लक्षण पाए जाएंगे उन्हें कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया जाएगा. अगर वे संक्रमित नहीं पाए गए तो उन्हें खुद को घर पर सात दिनों के लिए पृथक रखने के लिए कहा जाएगा. अगर उनमें कोई लक्षण दिखाई देता है तो वे जिला निगरानी अधिकारी या राज्य/राष्ट्रीय कॉल सेंटर (1075) पर सूचित करेंगे. मंत्रालय ने बताया कि राज्य पृथक रखने के संबंध में अपने हिसाब से नियम बना सकते हैं.