नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 24 मार्च से लागू लॉकडाउन के चलते आधी से ज्यादा आर्थिक गतिविधियां रुक हई हैं. ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए सरकार आज यानी सोमवार (20 अप्रैल) से लॉकडाउन में कुछ राहत देने जा रही है. हालांकि इस राहत का मतलब ये कतई नहीं है कि हर किसी को भी घर से निकलने का अनुमति होगी. पहले सरकार ने कहा था कि वह 20 अप्रैल से ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा गैर-जरूरी वस्तुओं की बिक्री को छूट देगी. लेकिन सरकार ने रविवार को यू-टर्न लेते हुए लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा गैर-जरूरी वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगा दी. वहीं, ठप पड़ चुकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये कोविड-19 ‘हॉटस्पॉट’ क्षेत्रों के बाहर सोमवार से चुनिंदा क्षेत्रों में सशर्त छूट दी जाएगी. Also Read - How To Stay Safe In Gathering: कोरोना के दौर में आप जा रही हैं किसी शादी या फंक्शन में तो इन खास बातों का रखें ध्यान

केंद्र सरकार द्वारा 15 अप्रैल को कुछ पाबंदियां हटाने की घोषणा करने के बाद राज्य सरकारें सीमित कारोबारी गतिविधि शुरू करने की तैयारी कर रही हैं. इस बीच, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने रविवार को कहा कि अगर देश कोरोना वायरस संकट से बेहतर ढंग से निपटने में सफल रहता है, तब लोगों को और भी राहत मिल सकती है. Also Read - India Covid-19 Updates: कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 81 लाख के पार, बीते 24 घंटे में 48 हजार से ज्यादा केस

गैर-जरूरी सामान की बिक्री की अनुमति नहीं
उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले ई-कॉमर्स कंपनियों को मोबाइल फोन, रेफ्रिजरेटर और रेडीमेड परिधान आदि की बिक्री की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब इस ‘छूट’ को वापस ले लिया गया है. केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने इस बारे में एक आदेश जारी किया है, जिसमें ई-कॉमर्स कंपनियों के वाहनों में ढुलाई से गैर-जरूरी सामान को हटा दिया गया है. इसमें समेकित संशोधित दिशानिर्देशों से ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा गैरजरूरी उत्पादों की बिक्री को हटा दिया गया है. जबकि 15 अप्रैल को जारी आदेश में ई-कॉमर्स कंपनियों को 20 अप्रैल से गैर-जरूरी सामान की बिक्री की अनुमति दी गई थी. केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि टीवी और लैपटॉप भी ऑनलाइन बेचे जा सकते हैं जिसके बाद ई-कॉमर्स कंपनियों ने आर्डर लेने शुरू कर दिये थे. Also Read - जल्द आने वाला है कोरोना का टीका! केंद्र ने राज्यों से कहा- सुचारु टीकाकरण के लिए समिति गठित करो

गृह मंत्रालय का स्पष्टीकरण
इस मुद्दे पर सरकार के यू-टर्न लेने के बारे में एक मीडिया ब्रीफिंग में पूछे जाने जाने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि देश में लागू लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों के जरिए गैर-जरूरी वस्तुओं की बिक्री की अनुमति को वापस लेने का फैसला इसलिए किया गया कि ऐसा महसूस हुआ कि सामानों की सूची बहुत व्यापक है और इससे कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए लागू पाबंदियों पर असर पड़ सकता है. केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने इस बारे में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिख कर स्पष्टीकरण दिया. भल्ला ने कहा, ‘‘…मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि गैर-जरूरी वस्तुओं के लिये ई-कॉमर्स कंपनियों के ऑपरेशन को निषिद्ध समझा जाए, हालांकि वे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करना जारी रखेंगे जैसा कि पहले इजाजत दी गई थी और इसकी इजाजत जारी रहेगी.’’

मजदूरों को ‘राहत’
भल्ला ने यह भी कहा कि लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे मजदूरों और कामगारों को कुछ खास शर्तों के साथ उस राज्य के अंदर उनके संबद्ध कार्य स्थलों पर जाने की इजाजत दी जाएगी. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉकडाउन के दौरान कामगारों की एक राज्य से दूसरे राज्य में कोई आवाजाही नहीं होगी. इन कामगारों को औद्योगिक, विनिर्माण, निर्माण, कृषि और मनरेगा कार्यों में लगाया जा सकता है.

इन से हटेंगी पाबंदियां
कृषि, निर्माण, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) एवं ग्रामीण इलाकों में स्थित औद्योगिक इकाइयां और ई कॉमर्स संचालन उन क्षेत्रों में शामिल हैं जहां लॉकडाउन पाबंदियां 20 अप्रैल से हट जाएंगी ताकि लाखों लोगों की परेशानियों को कम किया जा सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 हॉटस्पॉट (कोरोना वायरस संक्रमण से अत्यधिक प्रभावित क्षेत्र) के दायरे में नहीं आने वाले इलाकों में 14 चुनिंदा आवश्यक गतिविधियों की इजाजत देने के लिये पाबंदियों में ढील देने की 14 मई को घोषणा की थी. साथ ही, उन्होंने तीन हफ्तों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने की भी घोषणा की थी. अगले ही दिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ शर्तों के साथ दिशानिर्देश जारी किये थे.

लगानी होगी गश्त
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन पर अपने हालिया आदेश में कहा है कि सामाजिक मेलजोल से दूरी के नियमों और मास्क पहनने जैसे निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाये, इसके लिए जिलाधिकारी को पुलिस, पंचायत और राजस्व अधिकारियों की मदद से ग्रामीण इलाके में गश्त सुनिश्चित करना चाहिए.

इन गतिविधियों को दी गई इजाजत

मंत्रालय ने कहा कि 20 अप्रैल से जिन गतिविधियों की इजाजत दी गई है, उनका लक्ष्य कृषि और संबद्ध गतिविधियों को पूरी तरह से सुचारू करना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अधिकतम क्षमता के साथ आगे बढ़ना, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य श्रमिकों के लिये रोजगार सृजन करना, सुरक्षा एवं अनिवार्य मानक संचालन प्रक्रिया के दिशानिर्देशों के साथ उनके लिये चुनिंदा औद्योगिक गतिविधियों को बहाल करने की इजाजत देना तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था शामिल हैं.

  • मंत्रालय ने कहा कि आईटी और आईटीईएस क्षेत्र को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित होने इजाजत दी जाएगी.
  • स्वरोजगार वाले इलेक्ट्रेशियन, सूचना प्रौद्योगिकी मरम्मत, प्लंबर, मोटर मैकेनिक, बढ़ई को भी लोगों के लिये सेवा उपलब्ध करने की इजाजत होगी.
  • राजमार्गों के किनारे स्थित ढाबा, ट्रक मरम्मत दुकानें और सरकारी गतिविधियों के लिये कॉल सेंटर भी 20 अप्रैल से खुलेंगे.
  • लॉकडाउन के लिए संशोधित दिशा-निर्देश सोमवार से लागू होने के मद्देनजर तमिलनाडु सरकार राज्य में कुछ उद्योगों को पाबंदियों से ढील देने पर फैसला कर सकती है. यह फैसला एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद लिया जाएगा. रिपोर्ट सोमवार को आने की संभावना है और कोई फैसला लिए जाने तक मौजूदा पाबंदियां लागू रहेंगी.
  • पंजाब में सोमवार से निर्माण संबंधित गतिविधियों के तौर पर रेत और बजरी खनन तथा ‘स्टोन क्रशिंग’ को अनुमति दी गई है. राज्य के गृह विभाग ने यह जानकारी दी.
  • एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नए अकादमिक सत्र को ध्यान में रखते हुए स्कूलों तथा कॉलेज छात्रों को किताबों का वितरण करने वाली दुकानों को भी काम करने की अनुमति दी गई है.
  • गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए एयर कंडीशनर्स, एयर कूलर, पंखों की बिक्री तथा उनकी मरम्मत की दुकानों को भी आवश्यक सामान या सेवाओं के दायरे में लाया गया है तथा उन्हें खुलने और काम करने की अनुमति दी गई है.

देश में कोविड-19 से अब तक 519 लोगों की मौत, संक्रमण के मामले बढ़ कर 16,116 हुए
देश में कोविड-19 से मरने वाले लोगों की संख्या रविवार को बढ़ कर 519 पहुंच गई, जबकि संक्रमण के मामले बढ़ कर 16,116 हो गए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से 31 मरीजों की मौत हुयी और संक्रमण के 1,324 नये मामले सामने आये. मंत्रालय के अनुसार देश में अभी कोविड-19 से संक्रमित 13,295 मरीज इलाजरत हैं, जबकि 2,301 लोगों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है. इनमें एक व्यक्ति विदेश चला गया. स्वस्थ होने वालों में 77 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

(इनपुट भाषा)