बेंगलुरु : कर्नाटक में शुक्रवार को कोविड-19 के 24 नए मामले सामने आए जिसके बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 589 हो गई. इसके अलावा संक्रमण के कारण शुक्रवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई जिसके बाद राज्य में मृतक संख्या बढ़कर 23 हो गई. स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी. Also Read - बढ़ते लॉकडाउन और कोरोना के प्रभाव से परेशान हो गए हैं रणवीर सिंह, बोले- तबाह कर देने जैसा है

वहीं बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने सार्वजनिक और कार्य स्थलों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया. निकाय ने सार्वजनिक स्थलों पर थूकने, शौच करने और कचरा फेंकने पर प्रतिबंध लगा दिया है. Also Read - Coronavirus In India Update: संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 51 हजार के पार, इस राज्य में सबसे अधिक मामले

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया कि राज्य में कोविड-19 के कुल 589 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें 23 मरीजों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों ने बताया कि दावणगेरे के 69 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 23 हो गई. Also Read - कोविड-19 जांच के लिए 4,500 रुपए की सीमा हटाई गई, अब राज्य और निजी प्रयोगशालाएं तय करेंगी कीमत

उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति श्वसन संबंधी बीमारी, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारी से भी पीड़ित था. वह वेंटिलेटर पर था और दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई. इस बीच केंद्र की ओर से जारी सूची के अनुसार कर्नाटक के तीन जिलों- बेंगलुरु शहरी, मैसूरु और बेंगलुरु ग्रामीण को रेड जोन में रखा गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने तीन मई के बाद के सप्ताह के लिए रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में आने वाले जिलों की सूची बनाई है. कर्नाटक के कुल 30 जिलों में से तीन रेड जोन में हैं, 13 ऑरेंज जोन में और 14 ग्रीन जोन में रखे गए हैं.

शुक्रवार को सामने आए संक्रमण के 24 मामलों में से आठ मांड्या जिले के हैं. तीन मरीजों ने मुंबई की यात्रा की थी, पांच अन्य कोविड-19 मरीज के संपर्क में आए थे. बाकी मरीजों में से छह दावणगेरे, तीन बेलगावी के रायभाग के, दक्षिण कन्नड़ और कलबुर्गी के दो-दो और विजयपुरा, चिक्कबल्लापुरा और हुब्बली का एक-एक मरीज है.

बीबीएमपी आयुक्त ने आदेश जारी कर सार्वजनिक स्थल पर मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है और थूकने, खुले में शौच करने और कचरा फेंकने पर पाबंदी लगा दी है. पहली बार ऐसा करने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और अगली बार से दो हजार रुपये जुर्माने का दंड लगाया जाएगा.