देहरादून: कोरोना वायरस के संक्रमण की चुनौती से जूझ रहे देश की मदद के लिए एक ऐसी महिला सामने आई है, जिसने अपनी जिदगीभर में जोड़ी पूंजी पीएम केयर्स फंड में जमा कर दी है. अकेली महिला, जिसका सहारा न तो अब पति रहे हैं और ना ही बच्‍चे हैं, लेकिन उन्‍होंने अपने भविष्‍य की चिंता किए बिना यह कदम उठाया है. Also Read - आक्रामक स्वभाव के लिए मशहूर कगीसो रबाडा ने कहा- मैं जल्दी आपा नहीं खोता हूं

उत्तराखंड की इस महिला ने 10 लाख रुपए की अपनी पूरी जमापूंजी ‘‘प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स फंड) में दान कर दी. अनुकरणीय उदारता दिखाते हुए 60 वर्षीय देवकी भंडारी ने पीएम केयर्स फंड में दान देने के लिए 10 लाख रुपए का चेक अधिकारियों को दिया. Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से अब तक 3,000 की मौत, मामले 83,000 के करीब पहुंचे

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट किया है, चमोली की रहने वाली श्रीमती देवकी देवी भंडारी जी ने अपनी जमा पूंजी ₹10 लाख #PMCaresFunds में दान करके अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है. श्रीमती देवकी जी की इस इस सद्भावना के लिए उनका हार्दिक आभार. कोरोना से लड़ने के लिए ऐसा हर एक प्रयास इस जंग को मजबूत करेगा. Also Read - वैज्ञानिकों ने किया हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा का विश्लेषण, कोरोना मरीजों के इलाज में नहीं दिखा इस दवा का खास फायदा

बता दें कि चमोली जिले के गौचर की रहने वाली संतानहीन देवकी के पति का कुछ साल पहले देहांत हो चुका है और तब से वह अकेली रहती हैं. देवकी की इस कदम से अभिभूत प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने वैश्विक संकट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पीएम केयर्स फंड में 10 लाख रुपए की अपनी सारी पूंजी दान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है.

मुख्‍यमंत्री ने कहा, ”निस्वार्थ भाव से सब कुछ त्याग और दान देने की हमारी भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करते हुए देवकी जी ने अकेले होकर भी पूरे भारतवर्ष को अपना परिवार समझा और हमारे सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया.”

रावत ने कहा, ”इस भारत भूमि में दानवीर कर्ण और राजा बलि की दानवीरता की कहानियां हमने सिर्फ किताबों में पढ़ी थी लेकिन आज साक्षात देख भी ली है.” सीएम ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए ऐसा हर एक प्रयास इस जंग को मजबूत करेगा और इस कठिन दौर से हमें बाहर निकालने में मदद करेगा.