नई दिल्ली: हजारों दैनिक वेतन भोगी श्रमिक और मजदूर दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर अपने गृहनगर लौटने के लिए जुटे हैं. ऐसे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को उनसे आग्रह किया कि ‘वे जहां भी हैं वहीं रहें’. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली सरकार उनके घर का किराया देगी. Also Read - देश के 19 राज्‍यों में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की दर राष्‍ट्रीय औसत से बेहतर: केंद्र

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, केजरीवाल ने मकान मालिकों से आग्रह किया कि वे अपने किरायेदारों को किराया देने के लिए मजबूर न करें. केजरीवाल ने कहा, “सभी मकान मालिकों से अपील है कि वे किरायेदारों को किराया देने के लिए मजबूर न करें; अगर कोई भुगतान करने में असमर्थ है, तो दिल्ली सरकार उनके लिए भुगतान करेगी.” Also Read - Punjab Lockdown Extension News: जमावड़े पर लगी रोक, शादी समारोह में केवल इतने लोग होंगे शामिल

दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जब लॉकडाउन का एलान किया था उन्होंने एक लाइन कही थी जो जहां है वो वहीं रहे, मेरे हिसाब से ये कोरोना के लॉकडाउन का मंत्र है, अगर हम इसको लागू नहीं करेंगे तो यह लॉकडाउन सफल नहीं हो सकता. हम फेल हो जाएंगे पूरा देश फेल हो जाएगा. Also Read - PM मोदी ने सुंदर पिचाई से की वीसी, गूगल भारत में 10 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि यदि लॉकडाउन (बंद) का पालन नहीं किया जाता है तो देश कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में नाकाम हो जाएगा. उन्होंने बंद के कारण अपने गृहराज्यों की ओर पलायन कर रहे प्रवासी श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार ने उनके भोजन एवं ठहरने का प्रबंध किया है.

मुख्यमंत्री ने यहां एक डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 21 दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद को सफल बनाने का मंत्र है कि ‘‘आप जहां हैं, वहीं रहें’’, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुरोध किया है.

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस को रोकने के लिए लागू किए गए बंद के कारण बड़ी संख्या में लोग उन शहरों से अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं, जहां वे काम करते हैं. मैं उनसे निवेदन करता हूं कि आप कृपया वहीं रहिए, जहां आप अभी हैं.’’

केजरीवाल ने कहा, ‘‘हमने देखा है कि अमेरिका और इटली जैसे विकसित देशों में क्या हुआ है. शुक्र है कि भारत अभी उस चरण में नहीं है, लेकिन भीड़ में चलने से संक्रमण का खतरा बढ़ेगा.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने लोगों के ठहरने के लिए स्कूलों में प्रबंध किए हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘हमने स्टेडियम खाली करा लिए हैं और आवश्यकता पड़ने पर लोगों के वहां भी ठहरने का प्रबंध किया जाएगा. हम रोजाना चार लाख लोगों को नि:शुल्क भोजन दे रहे हैं. आइए, इससे (संक्रमण से) मिलकर लड़ें.’’