नई दिल्ली: कोरोना वायरस से एक तरफ पूरी दुनिया परेशान है तो वहीं भारत में लॉकडाउन का रास्ता अपनाया गया है. इस बीच एक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मिल मालिकों के पास गेहूं की कम आपूर्ति के कारण अगले दो सप्ताह में आटा, मैदा और सूजी में कमी देखने को मिल सकती है. रिपोर्ट के अनुसार मिल मालिक जो मैदा, आटा और सूजी का उत्पादन करते हैं वह गेहू की भारी कमी का सामना कर रहे हैं. इस बीच मिल मालिकों ने आपूर्ति संकट से निपटने के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है. Also Read - Colleges in Gujarat closed: कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर गुजरात में सभी कॉलेज 30 अप्रैल तक बंद

रिपोर्ट में बताया गया है कि गेहूं की कमी का कारण 548 जिलों में तालाबंदी है. लॉकडाउन के कारण इन जिलों में मंडियों और थोक बाजारों को बंद कर दिया गया. यही नहीं बेमौसम बारिश की वजह से भी गेहूं की खरीद में देरी हुई है. खबरों के अनुसार, रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने भारतीय खाद्य निगम को हालात के बारे में अवगत कराया है ताकि संकट की स्थिति में मिलों को आटा सीधे तौर पर मिल सके और बाजार में इसकी कमी न हो सके. Also Read - Corona Spike in UP: यूपी में COVID19 के 15,353 नए केस आए इलाहाबाद HC में कल से ऑनलाइन सुनवाई

महासंघ ने ओएमएसएस (डी) योजना के तहत खरीदे गए गेहूं के भुगतान जमा करने के लिए दो सप्ताह की समयावधि बढ़ाने के लिए भी कहा है. महासंघ ने ओएमएसएस (डी) योजना के तहत बेचे गए गेहूं के लिए न्यूनतम आरक्षित मूल्य में कमी करने के लिए भी कहा है. देश व्यापी बंद के कारण लॉजिस्टिक एक बड़ा मुद्दा बन चुका है. साथ ही महासंघ ने देश में सीमाओं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में माल के परिवहन पर सरकार से स्पष्टता की मांग भी की है. Also Read - COVID Vaccine: भारत में Sputnik को मिल सकती है 10 दिन में मंजूरी, वैक्‍सीनेशन का आंकड़ा 10 करोड़ हुआ