नई दिल्ली: देश में सात सौ से अधिक जिलों में सिर्फ 60 जिले ऐसे हैं, जहां कोरोना के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान 60 जिलों की ब्लॉक स्तर तक मॉनीटरिंग के भी टिप्स दिए. प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कोरोना रोकने के उपायों पर चर्चा की. गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मीटिंग में मौजूद रहे. Also Read - India Covid-19 Updates: बीते 24 घंटे में कोरोना के करीब 49 हजार नए केस, एक्टिव मामले 6 लाख से नीचे

इस वर्चुअल बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में 700 से अधिक जिले हैं. जिसमें भय और चिंता करने वाले सिर्फ 60 जिले हैं. सात राज्यों के इन 60 जिलों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों को सलाह देते हुए कहा कि वे सात दिन का कार्यक्रम बनाएं. हर दिन एक घंटा समय निकालते हुए तहसील के एक से दो ब्लॉक के लोगों से सीधी बात करें. सात दिन तक लगातार इस तरह मिशन मोड में काम करते हुए ब्लॉक लेवल तक वर्चुअल कांफ्रेंस करें. इससे काफी मदद होगी. Also Read - चीन के साथ सीमा विवाद से कैसे निपट रहा है भारत? विदेश सचिव ने दी यह जानकारी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत में संक्रमण के मामले में लगातार वृद्धि हो रही है. हालांकि, दस लाख से ज्यादा टेस्ट भी हो रहे हैं. ठीक होने वालों की संख्या भी बढ़ रही है. सभी राज्यों में कोरोना रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर भी कई नए-नए प्रयोग हुए हैं. हमें इन अनुभवों को ज्यादा से ज्यादा सीखना होगा. सुखद अनुभवों का लाभ लेना होगा.” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संयम, संवेदना, संवाद और सहयोग का जो प्रदर्शन इस कोरोना काल में देश ने दिखाया है, उसको हमें आगे भी जारी रखना है. संक्रमण के विरुद्ध लड़ाई के साथ-साथ अब आर्थिक मोर्चे पर हमें पूरी ताकत से आगे बढ़ना है. Also Read - PM Modi's Gujarat Visit: पीएम मोदी पहुंचे गुजरात, केशुभाई को दी श्रद्धांजलि, मां हीरा बा से मिलेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने मुश्किल समय में भी पूरे विश्व में जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की है. ऐसे में एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच दवाइयां आसानी से पहुंचे, हमें मिलकर ही ये देखना होगा. बीते महीनों में कोरोना इलाज से जुड़ी जिन सुविधाओं का विकास किया है, वो हमें कोरोना से मुकाबले में बहुत मदद कर रही हैं. अब हमें कोरोना से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्च र को तो मजबूत करना है, जो हमारा हेल्थ से जुड़ा, ट्रैकिंग-ट्रेसिंग से जुड़ा नेटवर्क है, उनकी बेहतर ट्रेनिंग भी करनी है.